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Friday, October 7, 2022

धान सूखत की मांग को लेकर मोहला में महारैली.....….....सुखत नहीं तो ‌खरीदी नहीं ,,,,,,

 धान सूखत की मांग को लेकर मोहला में महारैली।


सुखत नहीं तो ‌खरीदी नहीं।




जिला सहकारी समिति कर्मचारी संघ जिला राजनांदगांव, मोहला एवं खैरागढ़ जिले के बैनर तले, धान में सुखत की प्रावधान करने एवं प्रासंगिक, सुरक्षा व्यय एवं धान कमीशन में वृद्धि करने की मांग को लेकर माननीय मुख्यमंत्री, माननीय खाद्य मंत्री, माननीय सहकारिता मंत्री ,माननीय खाद्य सचिव के नाम से ज्ञापन, कलेक्टर महोदय जिला मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी को महारैली निकालकर सौंपा गया।


इसके पूर्व माननीय मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन दिनांक 4.8.22 तथा 16.09.22 को एवं राजनांदगांव में 29.09 .22 को एक दिवसीय रैली निकालकर ज्ञापन सौंपा गया। लेकिन सरकार द्वारा हमारी 2 सूत्री मांगों पर किसी प्रकार का निर्णय नहीं लिया गया है । यदि सरकार द्वारा 2 सूत्री मांग को पूरा नहीं किया जाता है तो इस वर्ष सहकारी समिति द्वारा धान खरीदी नहीं किया जाएगा।।।।

2 सूत्री मांग 

1 धान खरीदी में सरकार सुखत लागू करें…….... धान खरीदी नीति अनुसार समिति द्वारा किसानों से 17% नमी में धान की खरीदी किया जाता है ।लेकिन समय पर परिवहन का कार्य विपणन संघ द्वारा नहीं किए जाने के कारण समिति को सुखत का सामना करना पड़ता है खरीदी नीति अनुसार 72 घंटे के अंदर धान का परिवहन करने का सरकार नियम बनाती है एवं संपूर्ण धान का परिवहन 28 फरवरी तक करने का भी नियम सरकार द्वारा धान खरीदी नीति में बनाया जाता है ।लेकिन किसी भी वर्ष इस नियमों का पालन सरकार द्वारा, विपणन संघ द्वारा नहीं किए जाने के कारण धान में अत्यधिक सुखत का सामना समिति को करना पड़ता है ।धान का उठाव मई-जून तक होने के कारण प्राकृतिक आपदा, तेज धूप, दीमक का प्रकोप, चूहों का प्रकोप के कारण धान को नुकसान पहुंचाया जाता है ।17% में खरीदा गया धान , परिवहन की समय 10% नमी रह जाता है। इस कारण सुखत बहुत ज्यादा आता है ।धान या किसी भी अनाज का सूखना प्राकृतिक घटना है। धान को सूखने से कोई नहीं बचा सकता। इसकी भरपाई प्रशासन द्वारा खरीदी प्रभारी से दबाव पूर्ण, एफ आई आर दर्ज कर, निलंबन की कार्रवाई कर किया जाता है ।जबकि धान की परिवहन समय पर नहीं होने के लिए एवं सुखत की जवाबदेही विपणन संघ का होना चाहिए ।छत्तीसगढ़ में इस वर्ष शासन के दबाव में खरीदी  प्रभारियों ने बाजार से कर्ज लेकर ,अपनी जमीन जायदाद को बेचकर सुखत की भरपाई की है ।कई कर्मचारी सुखत की भरपाई नहीं करने के कारण डिप्रेशन में आकर स्वर्ग सिधार गए हैं ,लेकिन ऐसा कब तक ।।अतः शासन धान में सुखत को मान्य करें अन्यथा धान खरीदी नहीं करेंगे।।


2  प्रासंगिक व्यय, सुरक्षा व्यय, धान कमिशन में वृद्धि करें…………छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धान खरीदी में समिति को हमाली,मजदूरी ,चौकीदारी ,सुतली ,रंग भूसा, तालपत्री ,प्लास्टिक बोरी ,बैनर पोस्टर, स्टेशनरी , पानी की व्यवस्था, लाइट व्यवस्था ,कांटा बाट की व्यवस्था, मैदान का घेरा करने की व्यवस्था इत्यादि के लिए प्रासंगिक एवं सुरक्षा व्यय के रूप में ₹12 प्रति कुंटल राशि प्रदान किया जाता है। वर्ष 2007.08 के बाद इसमें किसी प्रकार की वृद्धि नहीं किया गया है। जबकि 15 वर्षों में महंगाई कई गुना बढ़ गया है ।2007 में हमाली दर ₹2 प्रति क्विंटल था ,आज हमालो द्वारा ₹8 से लेकर ₹10 प्रति क्विंटल लिया जाता है। भूसा ₹1 प्रति किलो था आज ₹5 हो गया है। बोरा सिलाई हेतु सुतली ₹25 किलो था आज 120 ₹  130 रुपया प्रति किलो हो गया है । तालपत्री 2000रू  था, आज 10 हजार हो गया है। बिजली सामग्री ,बिजली बिल की लागत  20,000 ₹से 30000 रू था , आज  ₹70000 हो गया है। मजदूरी पहले ₹100 था आज ₹300 हो गया है। चौकीदारी ₹3000 प्रति  माह देते थे, आज ₹10000चौकीदारी को दे रहे हैं। रंग ,बैनर पोस्टर इत्यादि की  राशि कई गुना बढ़ गया है। इतनी महंगाई बढ़ने के बाद भी शासन द्वारा दी जा रही प्रासंगिक एवं सुरक्षा व्यय  में वृद्धि नहीं करने के कारण समिति नुकसान में जा रहा है। इसी कारण से कई समितियों में 2 वर्षों से कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल रहा है ,कर्मचारी बिना वेतन के काम करने को विवश है ।अतः हम मांग करते हैं कि प्रासंगिक व्यय  एवं सुरक्षा व्यय  को ₹12 से बढ़ाकर ₹30 प्रति कुंटल किया जाए । तथा धान  में कमीशन ₹32 से बढ़ाकर ₹50 किया जाए।

इन दो सूत्री मांगों की पूर्ति सरकार द्वारा नहीं करने पर, सहकारी समितियों द्वारा धान की खरीदी नहीं किया जाएगा।

इस महारैली को सफल बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सहकारी समिति कर्मचारी संघ के अध्यक्ष एवं समस्त पदाधिकारी ,रायपुर, बस्तर संभाग के समस्त कर्मचारी ,मुंगेली जिले के समस्त कर्मचारी, दुर्ग संभाग के समस्त कर्मचारी एवं राजनांदगांव ,खैरागढ़ मोहला के साथ ही प्रदेश के सभी जिलों के पदाधिकारी गण  उपस्थित रहे।

राजनांदगांव जिला संघ के संरक्षक भाईलाल देवांगन ,अध्यक्ष ईश्वर श्रीवास, उपाध्यक्ष जितेंद्र चंद्राकर, उपाध्यक्ष राकेश वर्मा, कोषाध्यक्ष रवि यादव, कार्यकारी अध्यक्ष आरिफ खान , रहमत खां, सखाराम, लचछु राम, पुनित देशमुख, गिरीश पाकर, तुका निर्मल, तुलाराम निषाद, नंदलाल महाडोरे,के मन साहू, गिरधर साहू, रामकिशोर बछोड, अनिल निषाद,महेश चंद्रवंशी आदि उपस्थित थे।

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