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Friday, November 18, 2022

माता सीता राम को मन ही मन वरण कर चुकी थी फिर भी अपने पिता के निर्णय को सर्वोपरी मानती थी

 माता सीता राम को मन ही मन वरण कर चुकी थी फिर भी अपने पिता के निर्णय को सर्वोपरी मानती थी 






गुण्डरदेही । रामकिंकर शिष्य सेवा समिति गुण्डरदेही एवं भिलाई दुर्ग के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को सामुदायिक भवन सभागार गुण्डरदेही मे रामकिंकर महाराज के अध्यात्मिक उतराधिकारी परमपूज्या मंदाकिनी दीदी मां का एक दिवसीय प्रवचन हुआ उन्होंने सभागार में पहुचते ही सबका आत्मीय अभिनंदन स्वीकार किया स्वागत समारोह में विधायक एवं संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद पूर्व विधायक राजेंद्र राय विरेन्द्र साहू प्रमोद जैन लिलार सिन्हा केशव राम साहू सीताराम साहू श्याम मोहन जैन दुष्यंत सोनवानी कुलदीप साहू ठाकुर राम चन्द्राकर सौरभ जैन भानुमती साहू ने पुष्पमाला के साथ प्रणामभाव दीदी मां के चरणों में समर्पित किया दीदी मां मंदाकिनी रामकिंकर ने अपने पूज्य गुरुदेव के भाव आदेशानुसार एक शब्द “भव” से अपने अमृतमयी प्रवचन की शुरुआत की भव का अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा की इनके दो अर्थ हैं पहला भगवान शंकर दूसरा संसार इन दोनों का अन्योन्याश्रित सम्बन्ध है विस्तार से मानस के कुछ प्रसंगो पर अपनी सरल सरस और मधुर प्रभावशाली शैली में जीवन के प्रेरक सिध्दांत पर प्रकाश डाला अपने वक्तव्य के बीच अपनी सार्थक मीमांसा को स्रोताओ से हामी भरवाते हुए चुटीले अंदाज में कहां की मुझे चैतन्य स्रोता चाहिए सुप्त नहीं सीता जी के गौरी पूजन प्रसंग पर आज की युवा पीढ़ी को आत्मबोध और सन्देश देते हुए कहा की माता सीता राम को मन ही मन वरण कर चुकी थी फिर भी अपने पिता के निर्णय को सर्वोपरी मानती हैं यथा “फिरी अपन पऊ पितु बस जानी” आज की युवा शक्ति स्वतंत्र निर्णय लेकर अनर्थ कर रही हैं बहुत बढ़िया सांकेतिक भाव इसमें हैं मानस में ही एक जगह चार बार भव शब्द आया हैं :- भव भव विभव पराभव कारिणी भव भव अर्थात निर्माण विभव अर्थात पालन पराभव अर्थात संहार मातृशक्ति निर्माण (जन्म) देती हैं पालन भी करती हैं पर क्या वह क्रूर संहारकारणी हो सकती हैं कदापि नहीं परंतु भगवान शंकर निर्माण पालनहार के देव हैं क्योकि संहार के बाद ही स्रिजन होता हैं यह क्रम चलते रहता हैं ऐसे ही अनेक प्रसंगो पर एक नई व्याख्या एक नई चिंतनधारा को प्रवाहित कर दीदी मां ने लगातार ढाई घंटे तक श्रध्दालू श्रोताओं को मंत्र मुक्त कर दिया गुण्डरदेही नगर के सामुदायिक भवन में उपस्थित श्रोताओं में राजनीतिज्ञ साहित्यकार सत्संग प्रेमी के साथ दुर्ग बालोद जिला के प्रमुख मानस मंडलियो के लोग उपस्थित थे आभार प्रदर्शन डॉ लीना साहू एवं संचालन पीलाराम शर्मा ने किया 




CNI News गुण्डरदेही से भानु साहू की रिपोर्ट

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