सांकरा जोंक_प्राथमिक शाला साकरा जोक के बच्चे तरस रहे हैं पानी के लिए शौचालय के लिए और मध्यान भोजन करने के लिए 500 मीटर से अधिक दूर पर जाना पड़ता है।
महासमुंद जिले का पिथौरा विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला सरकारी स्कूल कि जर्जर भवन की स्थिति शिक्षा सत्र का 2022_23 समाप्त हो जाने के बावजूद भी हालात में कोई तब्दील नहीं हुई। आज भी बच्चे सामुदायिक भवन में बैठकर शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की लापरवाही का खामियाजा प्राथमिक शाला के 45 बच्चे भुगत रहे हैं।
हम आपको बता दें कि पिथौरा विकासखंड के प्राथमिक शाला वीरेंद्र नगर साकरा के जर्जर स्कूल की स्थिति में सैकड़ों शिकायत के बाद भी कोई हल नहीं निकला। लिहाजा स्कूल के बच्चे सामुदायिक भवन में शिक्षा ग्रहण करने को मजबूर हैं। पिछले 2 वर्ष से लगातार जिला शिक्षा अधिकारी विकासखंड शिक्षा अधिकारी से शाला विकास समिति और ग्रामीणों के द्वारा स्कूल भवन का निर्माण करने के लिए लगातार आवेदन निवेदन किया जा रहा है। बावजूद इसके सरकार इस दिशा में कोई पहल नहीं कर रही है। स्थानीय विधायक से लेकर पंच सरपंच और जिला जनपद के जनप्रतिनिधियों से भी इस जर्जर भवन के जीर्णोद्धार के लिए निवेदन किया गया है पर जन प्रतिनिधि भी इस दिशा में कुछ नहीं कर पाए। जर्जर स्कूल प्रांगण बहुत ही छोटा भी है जिस वजह से अतिरिक्त बच्चों का दाखिला भी नहीं हो पा रहा है। पानी और सौचालय के लिए बच्चे तरस रहे हैं। स्कूल संबंधित संवेदनशील मामले को अति शीघ्र ध्यान देना चाहिए क्योंकि नवीन भवन के लिए शासन से गुहार लगाई जा चुकी है फिर भी 2 वर्षों से एक ही कमरे में 5 कक्षाएं लग रही है शिक्षक कैसे पढ़ आएगा?





















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