एटीएम में पट्टी फंसाकर पैसा चोरी करने वाला आरोपी जेल दाखिल
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
बिलासपुर - शहर के कई एटीएम मशीन में रूपये निकलने वाले सटर को स्क्रूड्राईवर से खोलकर उसमें पट्टी लगाकर पैसा फंसाने और फिर बाद में उस पैसा को चोरी करने के आरोपी को तारबहार पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
बिलासागुड़ी में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश कश्यप एवं नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली श्रीमति पूजा कुमार ने बताया ट्रांजेक्शन सोल्युशन इंटरनेशनल प्रा.लि. कंपनी जो एसबीआई एटीएम का रखरखाव एवं मेंटनंस का कार्य करती है के सुपरवाईजर द्वारा थाना आकर सूचना दिया गत दिवस 21 जुलाई को सुबह नौ बजे काल सेंटर से पता चला कि व्यापार विहार स्थित एटीएम मशीन में पैसा नहीं निकल रहा है , जाकर चेक करने पर रूपये निकालने वाला सटर डैमेज था और एटीएम में लगे सीसीटीव्ही का चेक करने पर एक व्यक्ति एटीएम के सटर बाक्स में लगे सटर को स्क्रुड्रावर से उठाकर एक पट्टी लगाते दिखाई दिया। उसके बाद सत्यम चैक लिंक रोड एटीएम एवं गोल बाजार एटीएम में भी इसी प्रकार की समस्या होना पता चला। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्व किया गया। त्वरित कार्यवाही करते हुये थाना तारबाहर पुलिस टीम बनाकर एटीएम का सीसीटीव्ही फुटेज के आधार पर प्रार्थी को पहचान हेतु साथ लेकर अज्ञात आरोपी की पतासाजी किया गया , जो घटना को अंजाम देने के बाद वह वापस भागने के लिये रेल्वे स्टेशन बिलासपुर में ट्रेन का इंतजार कर रहा था। जिसे संदेह के आधार पर पुलिस हिरासत में थाना तारबाहर में लाकर पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 से अपने अन्य दोस्तों के साथ राजस्थान में एटीएम मशीन तोड़ने का काम किया था , पकड़े जाने पर तीन साल जेल में रहा और जेल से निकलने के बाद पुन: एटीएम तोड़कर पैसा चोरी करने का काम साथियों के साथ करता था। वर्ष 2020 में पकड़े जाने पर एक साल जेल में रहा , जेल में रहने के दौरान अपने एक साथी से पट्टी फंसाकर एटीएम से पैसा निकाने का काम सीखा और तब से अकेले किसी भी अंजान शहर में जाकर घटना को अंजाम देता था एवं शहर छोड़कर भाग जाता था। विगत दिवस 19 जुलाई को वह उज्जैन से जबलपुर आया तथा जबलपुर से ट्रेन बैठकर 21 जुलाई को बिलासपुर पहुंचा था। बिलासपुर शहर पहली बार आना बताया और पुलिस के द्वारा ना पकड़े जाने पर छत्तीसगढ़ के अन्य शहरो में घटना को अंजाम देने की मंशा होना बताया। बिलासपुर में व्यापार विहार एटीएम , लिंकरोड सत्यम चैक एटीएम एवं गोल बाजार एटीएम से कुल 40500 रूपये निकालना बताया , जिसमें से कुछ पैसा एटीएम में ही फंस जाना तथा कुछ पैसे खर्च कर देना बताया। आरोपी बहादुर चैकीदार से रकम 33000 रूपये नगद , स्क्रूड्राईवर एवं दो नग पट्टी जप्त किया गया है। आरोपी ने वारदात के तरीके के बारे में पुलिस को बताया कि वह ऐसे शहर का चयन करता था जहां रात्रि मे ट्रेन सफर करने के बाद सुबह पहुंच जाये , किसी होटल या लाज मे रूकना ना पडे़ तथा कहीं अपनी पहचान ना बताना पड़े। वह वारदात को अंजाम देने के बाद तत्काल शहर छोड़कर ट्रेन से बैठकर चला जाता था। आरोपी के विरूद्ध राजस्थान एवं नागपुर में भी दर्जनों अपराध दर्ज है। पैसा चोरी करने के आरोप में तारबहार पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। इस सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी , प्रधान आरक्षक किशोर वानी , आरक्षक मुरली भार्गव एवं मोहन कोर्राम का विशेष योगदान रहा।
गिरफ्तार आरोपी -
बहादुर चैकीदार पिता प्रहलाद राम चैकीदार उम्र 35 वर्ष निवासी ग्राम फुलियाना थाना पिलवा जिला डिडवाना राजस्थान।


















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