अश्रु पूरित नेत्रों से की गई गणपति बप्पा की विदाई, आज अनंत चतुर्दशी पर गणेश जी की पूजा अर्चना किया विसर्जन ।
सी एन आइ न्यूज़, पुरुषोत्तम जोशी ।
रायपुर, हिंदू धर्मावलंबियों के द्वारा भगवान गणेश की पूजा बेहद कल्याणकारी मानी जाती है। श्रीगणेश जी कि पूजा अर्चना विधिविधान से करने से अक्षय फलों कि प्राप्ति होती है।
राजधानी में आज अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भगवान गणेश की विधिवत पूजा अर्चना कर विदाई का सिलसिला शुरू हो चुका है।
महादेव घाट में विसर्जन के लिए भक्त गण अपने प्रिय देव गणेश जी की पूजा अर्चना कर विसर्जित किये ।
नगर निगम रायपुर द्वारा विसर्जन स्थल पर प्रतिमा विसर्जन के लिए सभी व्यवस्था कर ली है।
गणेश जी का विसर्जन क्यों किया जाता है।
पौराणिक कथा एवं ग्रंथों के अनुसार जब महर्षि वेदव्यास ने महाभारत को लिपिबद्ध करने के लिए भगवान गणेश जी का आव्हान किया था,जिसे लिखने से पहले गणेश जी ने एक शर्त रखी थी कि जब मैं लिखना प्रारंभ करूंगा तो कलम को रोकूंगा नही, यदि कलम रुक गई तो लिखना बंद कर दूंगा ।
इस शर्त को वेदव्यास जी ने स्विकार कर लिया था।इसके पश्चात वेदव्यास जी ने गणेश भगवान को महाभारत वृतांत सुनाना शुरू किया और गणेश जी बिना रुके उसे लिखने लगे,यह कथा 10 दिनों पूर्ण हुई।
इन दस दिनों की कथा पूर्ण होने पर वेदव्यास जी ने देखा की बप्पा के शरीर का तापमान काफी ज्यादा बढ़ हुआ है, तब उन्होंने उनके शरीर के तापमान को कम करने के लिए जल में डुबकी लगवाई।
तभी से आज तक गणपति विसर्जन की प्रथा चली आ रही है।



















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