Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Saturday, October 19, 2024

दीपावली पूजन को लेकर भ्रमित ना रहे - आचार्य नंदकुमार शर्मा छत्तीसगढ़ मे 1 नवम्बर को दीपावली मान्य है.

 दीपावली पूजन को लेकर भ्रमित ना रहे - आचार्य नंदकुमार शर्मा 




छत्तीसगढ़ मे 1 नवम्बर को दीपावली मान्य है.

----------------------------------------


रिपोर्टर  अजय नेताम


तिल्दा नेवरा  - इस वर्ष  2024 मे दीपावली ( लक्ष्मी पूजन) के पर्व को लेकर अधिकाधिक भ्रम और मतभेद की स्तिथि बनी हुई है. इस वर्ष दीपावली पूजन 31 अक्टुबर और 1 नवम्बर को दोनों दिन मनाने को लेकर भ्रम की स्तिथि बनी हुई है. इस पर अपना विचार व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध भागवताचार्य एवं ज्योतिर्विद पंडित नंदकुमार शर्मा जी (निनवा तिल्दा वाले ) ने  कहा कि दीपावली पूजन को लेकर ज्यादा तर्क वितर्क या मतभेद करने की आवश्यकता नहीं है. अपने अपने क्षेत्र विशेष मे सूर्योदय, सूर्यास्त, अमावस्या तिथि, प्रदोष काल आदि को ध्यान मे रखते हुए दीपावली पूजन को मान्य करे. क्योंकि शास्त्रों मे कहा गया है - -

 "युवती शास्त्र नृपति बस नाहीं"  शास्त्रों का मत किसी के बस मे नहीं होता है. उन्होंने बताया कि रायपुर ( छत्तीसगढ़) का अपना क्षेत्रीय देव पंचांग मे तिथि आदि के अनुसार दीपावली पूजन 1 नवम्बर शुक्रवार को ही मान्य किया गया है. धर्म सिंधु और निर्णय सिंधु के अनुसार अमावस्या तिथि प्रदोष व्यापिनी होना चाहिए यानी कि अमावस्या तिथि का उस दिन के संध्याकाल को स्पर्श करना आवश्यक है. आचार्य शर्मा जी ने बताया कि धर्म सिंधु और निर्णय सिंधु के अनुसार दीपावली पूजन के लिए यदि दो दिन अमावस्या तिथि पडती है ।  और दोनों दिन प्रदोष काल को स्पर्श करती है तब उस स्तिथि मे दूसरे दिन मे लक्ष्मी पूजन करना उचित और शास्त्र सम्मत होता है. उन्होंने बताया कि रायपुर ( छत्तीसगढ़) द्वारा प्रकाशित क्षेत्रीय पंचांग देव पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि 31 अक्टुबर गुरुवार को शाम 3 बजकर 52 मिनट मे प्रारम्भ हो रही है और अमावस्या तिथि की समाप्ति 1 नवम्बर  शुक्रवार को शाम 6 बजकर 16 मिनट मे हो रही.  ऐसे मे दूसरे दिन मे भी प्रदोष व्यापिनी और संध्याकाल तक अमावस्या तिथि हो रही है. अतः 1 नवम्बर को दीपावली पूजन करना उचित और मान्य है.  1 नवम्बर शुक्रवार को लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त  इस प्रकार से है.. 

शाम 04:35 से शाम 6:11 बजे तक ( गोधूलि),   शाम 06:14 से रात्री 08:13 तक (वृषभ स्थिर लग्न),   रात्री 09 बजे से 10:30 तक ( लाभ),  रात्री 12:41 से रात्री 02:51 तक ( सिंह स्थिर लग्न).

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad