पिथौरा में निवासरत उत्तर भारतीयों ने मनाया छठ पूजा का महापर्व। डूबते सूर्य को अर्घ देकर पूजा प्रारंभ की।
पिथौरा में निवासरत उत्तर भारतीयों ने छठ पूजा का महापर्व भव्य रूप से मनाया सभी ने डूबते सूर्य को अर्ध दे कर पूजा प्रारंभ किया।
छठ पूजा का महापर्व बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में विशेष तौर पर मनाया जाता है। यह त्योहार सूर्य भगवान और छठी मैया की आराधना के लिए जाना जाता है, जहां श्रद्धालु सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
छठ पूजा का इतिहास
छठ पूजा की परंपरा कई प्राचीन कथाओं से जुड़ी है, जिसमें भगवान राम और माता सीता की वापसी के अवसर पर सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा शुरू हुई थी ।
छठ पूजा का महत्व
छठ पूजा में छठी मैया का विशेष महत्व है, जो संतान सुख और परिवार की समृद्धि देने वाली देवी मानी जाती हैं। इस पूजा में सूर्य भगवान और छठी मैया दोनों की आराधना की जाती है, जो जीवन में नई ऊर्जा और समृद्धि का प्रतीक है ।
छठ पूजा की विधि
छठ पूजा की विधि में सूर्यास्त और सूर्योदय के समय अर्घ्य देना शामिल है, जो वैज्ञानिक रूप से भी लाभकारी माना जाता है। इस पूजा में 4 दिनों का कठिन व्रत रखा जाता है, जिसमें व्रती भोजन और जल का त्याग कर संयम का पालन करते हैं ।



















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