श्री मांझी अंतरराष्ट्रीय समाजवाद आदिवासी किसान सैनिक संस्था दिल्ली
दिल्ली राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री राजमाता फ़ुलवा देवी कांगे जी पहुची साल्हेवारा
छत्तीसगढ़ जिला के.सी.जी.के ग्राम राजाबर प्रतापी राम को मिला स्वर्ण पदक
श्री प्रतापी राम सिंघनधुपे कंगला मांझी शौर्य सम्मान 2024
स्वर्ण पदक
खैरागढ। कंगला मांझी शौर्य सम्मान के अंतर्गत स्वर्ण पदक से सम्मानित होने वाले सैनिकों में से अगला नाम एक ऐसे शख्स का है जो खराब स्वस्थ्य के कारण हमारे बीच उपस्थित नहीं हो पाये है परंतु इनके द्वारा किये गये कार्यों के बारे में आज हम यहां आवश्यक रूप से बताना चाहेंगें।
इनका नाम है श्री प्रतापी राम सिंघनधुपे जी, यह ग्राम राजाबर, जिला खैरागढ़-छुईखदान-गंडई छत्तीसगढ़ के रहने वाले है। इनके पिता का नाम श्री झुमुक लाल तथा माता का नाम कुवंर बाई था। प्रतापी राम सिंघनघुपे जी सन् 1985 में कंगला मांझी संगठन के साथ जुड़े और जीवन पर्यतं देश व समाज के हित में कार्य करते रहें। इन्होंने अपने ही समाज की गलत नीतियों के विरूद्ध अपनी आवाज बुलंद की, 44 गांव के भुमिहीन लोगों को सरकार द्वारा भुमि दिलवाने में सहायता की, नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सही मार्गदर्शन दे कर उन्हें गलत रास्तों में भटकने से बचाया, इनका एक उल्लेखनीय कार्य यह है कि सन् 2000 से पहले व छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले में स्थित ग्राम नर्मदा से साल्हेटेकरी तक का सड़क मार्ग पूरी तरह से क्षतिग्रस्त था वहाँ साईकिल चलाना तक मुश्किल था इसके बावजूद वहाँ यात्रियों से भरी बसे चला करती थी। कई दुर्घटनायें घट चुकी थी जान माल की हानि हानि भी भी हो चुकी थी परंतु सरकार की ओर से उस सड़क मार्ग की मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। कई सामाजिक कार्यकर्ता अपनी तरफ से प्रयास करके हार चुके थे परंतु कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल पा रहा था। तब जनता की परेशानियों को देखते हुये श्री प्रतापी राम सिंघनधुपे जी ने निश्चय किया कि चाहे जो भी हो जाये वे सरकार का ध्यान इस ओर खींच कर ही रहेंगें। उन्होंने दिन रात साईकिल से यात्रा करके 17 ग्राम पंचायतों के लोगों को क्षतिग्रस्त सड़क मार्ग से होने वाले दुर्घटनाओं के बारे में समझा कर उन्हें एकजुट किया। साल्हेवारा पुलिस थाने में जिला कलेक्टर के नाम से ज्ञापन सौंप कर साल्हेवारा में ही धरने पर बैठ गये। कलेक्टर ने तत्त्काल मामले का निराकरण करते हुये संबंधित विभागों को निर्देशित किया और 3 महिने के अन्दर सड़क निर्माण का कार्य प्रारंभ हो गया। आज जो लोग आराम से उस सड़क मार्ग से आवागमन कर पा रहे है तो इसका श्रेय प्रतापी राम सिंघनधुपे जी को जाता है। इसी प्रकार उन्होंने कई ऐसे बड़े बड़े मामलों को सुलझाया है और जनता के हित में कार्य किया है जिनको एक साथ यहाँ बता पाना संभव नहीं है। संगठन की ओर से प्रतापी राम सिंघनधुपे जी को कंगला मांझी शौर्य सम्मान के अंतर्गत स्वर्ण पदक प्राप्त करने के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हम ईश्वर से कामना करते है कि वे और
जल्द ही प्रतापी राम सिंघनधुपे जी को स्वस्थ करें। मैं उनके को यहाँ आमंत्रित करती हूँ कि वे आये और श्री प्रतापी राम सिंघनधुपे जी की ओर से कंगला मांझी शौर्य सम्मान प्राप्त करें।..
इस मौके पर राजमाता फ़ुलवा देवी. के. डी.कांगे.. आर आर उईके.. राजकुमारी कांगे.. इन्द्रसिह वरकडे.. दिपक कुमार सलामे..आदुराम टेकाम..बोधनराम राम बनछोर..केदार राम निर्मलकर... फ़िरतुराम मेरावी.. ओमप्रकाश रजक.. शेरसिह मेरावी..





















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