आज का पंचांग, 21 अप्रैल 2025 ( सोमवार )
सूर्योदय: 🌄 ०६:०२
सूर्यास्त: 🌅 ०६:४९
चन्द्रोदय: 🌝 २६:०८
चन्द्रास्त: 🌜११:४९
अयन 🌖 उत्तरायणे (उत्तरगोलीय)
ऋतु: 🌞 ग्रीष्म
शक सम्वत: 👉 १९४७ (विश्वावसु)
विक्रम सम्वत: 👉 २०८२ (सिद्धार्थी)
मास 👉 वैशाख
पक्ष 👉 कृष्ण
तिथि 👉 अष्टमी (१८:५८ से नवमी)
नक्षत्र 👉 उत्तराषाढ (१२:३७ से श्रवण)
योग 👉 साध्य (२३:०० से शुभ)
प्रथम करण 👉 बालव (०७:०४ तक)
द्वितीय करण 👉 कौलव (१८:५८ तक)
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॥ गोचर ग्रहा: ॥
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सूर्य 🌟 मेष
चंद्र 🌟 मकर
मंगल 🌟 कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी)
बुध 🌟 मीन (उदय, पूर्व, मार्गी)
गुरु 🌟 वृष (अस्त, पश्चिम, मार्गी)
शुक्र 🌟 मीन (अस्त, पश्चिम, मार्गी)
शनि 🌟 मीन (उदय, पूर्व, मार्गी)
राहु 🌟 मीन
केतु 🌟 कन्या
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शुभाशुभ मुहूर्त विचार
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अभिजित मुहूर्त 👉 ११:५० से १२:४२
अमृत काल 👉 ०६:०० से ०७:३९
सर्वार्थ सिद्धि योग 👉 १२:३७ से २९:४३
विजय मुहूर्त 👉 १४:२६ से १५:१९
गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:४७ से १९:०८
सायाह्न सन्ध्या 👉 १८:४८ से १९:५३
निशिता मुहूर्त 👉 २३:५३ से २४:३७
राहुकाल 👉 ०७:२२ से ०९:००
राहुवास 👉 उत्तर-पश्चिम
यमगण्ड 👉 १०:३८ से १२:१६
दुर्मुहूर्त 👉 १२:४२ से १३:३४
होमाहुति 👉 गुरु (१२:३७ से राहु)
दिशा शूल 👉 पूर्व
अग्निवास 👉 पाताल (१८:५८ से पृथ्वी)
चन्द्र वास 👉 दक्षिण
शिववास 👉 गौरी के साथ (१८:५८ से सभा में)
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☄चौघड़िया विचार☄
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॥ दिन का चौघड़िया ॥
१ - अमृत २ - काल
३ - शुभ ४ - रोग
५ - उद्वेग ६ - चर
७ - लाभ ८ - अमृत
॥रात्रि का चौघड़िया॥
१ - चर २ - रोग
३ - काल ४ - लाभ
५ - उद्वेग ६ - शुभ
७ - अमृत ८ - चर
नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
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शुभ यात्रा दिशा
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दक्षिण-पूर्व (धनिया अथवा दलिया का सेवन कर यात्रा करें)
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तिथि विशेष
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शीतलाष्टमी (बुढा बास्योड़ा), राष्ट्रीय वैशाख मास आरम्भ, विवाहादि मुहूर्त वृष-कर्क ल० (प्रातः ०७:१७ से दोपहर ०१:४५), वृश्चिक ल० (रात्रि ०८:३७ से १०:५५), कुम्भ-मीन ल० (मध्य रात्रि १२:४३ से अंतरात्रि ०५:३९ तक), नींव खुदाई एवं गृहारम्भ मुहूर्त+गृहप्रवेश मुहूर्त+व्यवसाय आरम्भ मुहूर्त+वाहन क्रय-विक्रय मुहूर्त+देवप्रतिष्ठा मुहूर्त प्रातः ०९:११ से १०:४९ तक आदि।
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आज जन्मे शिशुओं का नामकरण
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आज १२:३७ तक जन्मे शिशुओ का नाम उत्तराषाढ नक्षत्र के तृतीय एवं चतुर्थ चरण अनुसार क्रमशः (ज, जी) नामाक्षर से तथा इसके बाद जन्मे शिशुओ का नाम श्रवण नक्षत्र के प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण अनुसार क्रमशः (खी, खू, खे) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है।
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उदय-लग्न मुहूर्त
मेष - २९:२६ से ०७:००
वृषभ - ०७:०० से ०८:५५
मिथुन - ०८:५५ से ११:१०
कर्क - ११:१० से १३:३२
सिंह - १३:३२ से १५:५०
कन्या - १५:५० से १८:०८
तुला - १८:०८ से २०:२९
वृश्चिक - २०:२९ से २२:४९
धनु - २२:४९ से २४:५२+
मकर - २४:५२+ से २६:३३+
कुम्भ - २६:३३+ से २७:५९+
मीन - २७:५९+ से २९:२२+
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पञ्चक रहित मुहूर्त
अग्नि पञ्चक - ०५:४४ से ०७:००
शुभ मुहूर्त - ०७:०० से ०८:५५
रज पञ्चक - ०८:५५ से ११:१०
शुभ मुहूर्त - ११:१० से १२:३७
चोर पञ्चक - १२:३७ से १३:३२
शुभ मुहूर्त - १३:३२ से १५:५०
रोग पञ्चक - १५:५० से १८:०८
शुभ मुहूर्त - १८:०८ से १८:५८
मृत्यु पञ्चक - १८:५८ से २०:२९
अग्नि पञ्चक - २०:२९ से २२:४९
शुभ मुहूर्त - २२:४९ से २४:५२+
रज पञ्चक - २४:५२+ से २६:३३+
शुभ मुहूर्त - २६:३३+ से २७:५९+
चोर पञ्चक - २७:५९+ से २९:२२+
रज पञ्चक - २९:२२+ से २९:४३+
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पंडित भूपेंद्र श्रीधर सतपति ज्योतिषाचार्य एम ए संस्कृत हस्तरेखा वास्तु शास्त्र भूमि भवन में वास्तु दोष निवारण पारिवारिक जीवन में सफलता मांगलिक योग पितृ दोष विवाह बिलंब राजयोग भाग्योदय व्यापार व्यवसाय में वृद्धि जन्म कुंडली निर्माण कालसर्प योग पितृ दोष विदेश यात्रा पति-पत्नी में मतभेद प्रेम प्रसंग में सफलता ज्योतिष परामर्श ज्योतिष कार्यालय जोगनीपाली तहसील पोस्ट थाना सरायपाली जिला महासमुंद 9926826570
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