पखांजूर/कांकेर CNI NEWS शंकर सरकार की रिपोर्ट। मो-6268535584
पगडंडियों के सहारे चलने को मजबूर है नेडगांव के ग्रामीण।
विकासखंड कोयलीबेड़ा मुख्यालय से 25 किमी दूर ग्राम पंचायत प्रतापपुर के आश्रित ग्राम नेड गांव विकास की योजनाओं से बेहद दूर है। पंचायत मुख्यालय तक सड़क न होने से लोग पगडंडी के सहारे चलने पर मजबूर हैं। गांव में अगर किसी को कुछ हो जाए तो आपात कालीन 108 गाड़ी भी नही पहूच पता है । ग्रामीणों से पूछ ने से पता चला कि विगत दो वर्ष पहले खराब रास्ते के कारण दो गर्भवती महिलाओ को समय पर अस्पताल ना पहुंच सका जिसे उनकी मृत्यु हो गई गांव में प्रवेश करते ही एक पहाड़ आता है जिसको ग्रामीण ने चंदा इकट्ठा करके खुद ही काट कर रास्ता बना लिए हैं इसके अलाबा गाँव मे अंगबाड़ी नही है बच्चे मजबूरन सात किलो मीटर दूर छिंदटोला में पढ़ने जाते है नल तो है किंतु नल से लाल पानी निकलता है जो पीने योग्य नहीं है।
गांव की आबादी लगभग 150 है।
कहा कि जल्द ही हमें सर्व सुविधा चाहिए। जल्द से जल्द बारिश आने से पहले चलने लायक सड़क चाहिए और गांव में एक आंगनबाड़ी खुले जिससे नोनीहाल बच्चे उसमें पढ़ सके।
जिसमें ग्राम पटेल अग्गन दिवान, रामसुराम यादव, देवनाथ उसेंडी, दुर्गुराम यादव,अनिल नायक, नकुल यादव, मेरसिंग गावड़े, संतोष कोवसी, दरवारी कोवाची,रत्ना कोवाची,सुरेश यादव, अनिता यादव, सांतरो पोटाई, शांति कोवची। ग्रामीण उपस्थित थे।


















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