वृंदावन हाल रायपुर में हुआ भव्य "सवनाही जोहार"
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भोरमदेव साहित्य सृजन मंच कबीरधाम के तत्वावधान में 10 अगस्त 2025 को रायपुर के वृंदावन हॉल में "सवनाही जोहार" (साहित्यिक गोष्ठी) का भव्य आयोजन हुआ,जिसमें अपने अंचल गंडई,पैलीमेटा,सिल्हाटी,लोहारा,छुईखदान,खैरागढ़ के अनेक साहित्यकार सम्मिलित हुए । इस सवनाही जोहार का विषय था-' छत्तीसगढ़ी गीत मा साहित्य' !
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि (माई पहुना)रहे छालीवुड फ़िल्म के प्रसिद्ध निर्माता निर्देशक श्री सतीश जैन जी ने संबंधित विषय पर प्रकाश डालते हुए वर्तमान के फ़ूहड़ गीतों पर गहरी चिंता व्यक्त की और गीतकार लक्ष्मण मस्तुरिया जी का जिक्र करते हुए उनके गीतों का उदाहरण दिया
साथ ही रामेश्वर वैष्णव जी और रामेश्वर शर्मा जी के शालीन गीतों का भी जिक्र किया। विशिष्ट अतिथि (पगरईत )प्रसिद्ध गीतकार व व्यंग्यकार श्री रामेश्वर वैष्णव जी ने वर्तमान अश्लील गीतों पर कटाक्ष करते हुए आजकल के गीतकारों द्वारा रातो रात प्रसिद्धि पाने के लिए अश्लीलता का शार्ट कट माध्यम अपनाने पर गहरी चिंता व्यक्त किया और अपने कुछ गीतों को गाकर सभी का मन मोह लिया। खास पहुना Z मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ न्यूज एंकर/जर्नलिस्ट श्रीमती तृप्ती सोनी जी ने वर्तमान विसंगतियों को सुधारने की दिशा में काम करने पर बल देते हुए गुमनाम साहित्यकारों और उनकी रचनाओं को सामने लाने के लिए पहल करने का आह्वान किया।माई वक्ता वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार श्री रामेश्वर शर्मा जी ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में फ़ूहड़ और अश्लील गीतों को घटिया और गंदी सोंच का नतीजा बताते हुए वर्तमान साहित्यकारों को अच्छी गीतों का सृजन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से भागीरथ छ.ग.राज्य प्रमुख डाँ. उदयभान सिंह चौहान,वरिष्ठ साहित्यकार श्री घनश्याम सोनी जी,छंदकार/साहित्यकार मनीराम साहु मितान,ओजस्वी वक्ता वैभव तिवारी बेमेतरिहा, छत्तीसगढ़ी छात्र समूह के अध्यक्ष ऋतु राज साहू,ईश्वर बंधी,दिलीप टिकरिहा,डॉ.सरोज साव,डॉ.ए.डी.बघेल,हबीब खान,फ़िल्म अभिनेता जित्तू दुलरवा,डॉ.इंद्रदेव यदु,रामजी ध्रुव,ऐश्वर्य शर्मा,विवेक भट्ट,संजय देवांगन,रामगोपाल कश्यप,निशांत तिवारी,राकेश भारती,अनिल राय,नीलिमा साहू,लोकेंद्र वर्मा सहित भोरमदेव साहित्य सृजन मंच के अध्यक्ष श्री कुंज बिहारी साहू,पूर्व अध्यक्ष मिनेश साहू,घनश्याम कुर्रे,रामकुमार साहू,राजकुमार मसखरे,कमलेश शर्मा बाबू,संजू उइके,हेमसिंग साहू,धर्मेन्द्र हरहा,ज्ञानुदास मानिकपुरी,अश्विनी,कोसरे,दिलीप पुडेटी,चिंता राम धुर्वे,आनंद मरकाम,शिव प्रसाद साहू,देवचरण धुरी,मानस साहू,दूजराम साहू,धर्मेन्द्र जंघेल, चिंता राम पटेल,पवन साहू सहित विभिन्न जिलों से आये साहित्यकारों व क़लमकारों ने उक्त विषय पर अपना-अपना मंतव्य देते हुए अंत में अपनी-अपनी रचनाएँ प्रस्तुत कर पूरे हाल को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान करते रहे।अंत में आभार प्रदर्शन करते हुए पटल के वरिष्ठ साहित्यकार राजकुमार 'मसखरे' जी ने "तैं बने करे राम मोला चंदुआ बनाये" का पैरोडी गीत गाकर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिया।




















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