संतानों की लंबी उम्र के लिए महिलाओं ने रखा कमर छठ का व्रत ।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
रायपुर: आज भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलराम जी का जन्मोत्सव है, बलराम जी को शेषनाग का अवतार माना गया है. । हिंदू धर्म के अनुसार भगवान बलराम का प्रधान शस्त्र हल और मूसल है ।हल धारण करने के कारण भी बलराम को हलधर कहा जाता है, ।
कमरछठ पर्व छत्तीसगढ़ के गांव-गांव में कमरछठ के नाम से जाना जाता है. इस बार 14 अगस्त को हलषष्ठी पर्व मनाया जा रहा है. हलषष्ठी माता की पूजा करके परिवार की खुशहाली और संतान की लंबी उम्र एवं सुख-समृद्धि की कामना की गई। पूजा-अर्चना में बिना हल जोते उगने वाले पसहर चावल और छह प्रकार की भाजियों का भोग लगाने का खासा महत्व है. पसहर चावल को खेतों में उगाया नहीं जाता. यह चावल बिना हल जोते अपने आप खेतों की मेड़, तालाब, पोखर या अन्य जगहों पर उगता है. भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई बलदाऊ के जन्मोत्सव वाले दिन हलषष्ठी मनाए जाने के कारण बलदाऊ के शस्त्र हल को महत्व देने के लिए बिना हल चलाए उगने वाले पसहर चावल का पूजा में इस्तेमाल किया गया, और पूजा के दौरान पसहर चांवल को पकाकर भोग लगाया गया और इसी चांवल से माताएं व्रत खोलती है ।
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