राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस,इससे जुड़े लोगों का पर्दापाश करने तथा पीड़ित लोगों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए मनाया जाता है।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
मानव तस्करी समाज पर दाग है,इसे मिटाना हमारी जिम्मेदारी । हर साल हमारे देश में 11 जनवरी को ‘राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस’ (National Human Trafficking Awareness Day) मनाया जाता है। मानव जाति में इस दिवस का महत्व अधिक है। मानव तस्करी में मनुष्यों के खिलाफ बल, धोखाधड़ी या जबरदस्ती का उपयोग शामिल है। इतना ही नहीं बल्कि मानव तस्करी में श्रम या देह व्यापार भी किया जाता है।, इसमें कई तरह की विकृतियां शामिल है।
मानव जाती के लिए एक बहुत बड़ी समस्या है, वो है मानव सरंक्षण। हर साल पूरी दुनिया भर में लाखों पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की तस्करी होती है। मानव तस्करी का भयानक अन्याय किसी भी नस्ल और पृष्ठभूमि के लोगों को प्रभावित कर सकता है। इसे रोकना अनिवार्य है, इसलिए मानव तस्करी के के खिलाफ जागरूकता लेने के लिए एक स्थाई दिवस मनाना बेहद जरुरी है इस वजह से हर साल 11 जनवरी को हमारे देश में ‘राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस’ मनाया जाता है।
जनवरी के पूरे महीने को राष्ट्रीय दासता और मानव तस्करी रोकथाम माह के रूप में मान्यता दी गई है। राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस, विशेष रूप से, मानव तस्करी के खतरनाक मुद्दे के बारे में जागरूकता बढ़ाता है। यह दिन विशेष रूप से जागरूकता और इन अवैध प्रथाओं की रोकथाम के लिए समर्पित है। यह दिन दुनिया भर में मानव तस्करी से लड़ने के लिए समर्पित है।
इस दिवस की शुरुआत-
संयुक्त राज्य अमेरिका की सीनेट ने साल 2007 में इस दिन की स्थापना की थी। तब से यह दिन पालन ‘राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस’ के रूप में किया जाता है। बता दें कि इस कारण बड़े पैमाने पर सार्वजनिक समर्थन प्राप्त किया गया था। सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों के लिए व्यक्तिगत दान, हर छोटे या बड़े संगठन ने कारण का समर्थन किया है।
तब से लेकर आज तक हर साल हमारे देश में राष्ट्रीय स्तर पर ‘राष्ट्रीय मानव तस्करी जागरूकता दिवस’ मनाया जाता है, ताकि मानव तस्करी इस विषय को लेकर लोगों में जागरूकता आए और इसका प्रमाण कम हों।


















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