सतनामी समाज शांति का प्रतीक, पर अन्याय के विरुद्ध संघर्ष से नहीं हटेगा — मनीष चेलक
रानीगढ़ छुईहा में चार दिवसीय बाबा गुरु घासीदास जयंती समारोह का गरिमामय समापन
बिलाईगढ़।
ब्लॉक मुख्यालय बिलाईगढ़ के समीपस्थ ग्राम रानीगढ़ छुईहा में आयोजित चार दिवसीय बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती समारोह का समापन रविवार को श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक चेतना के साथ हुआ। अंतिम दिवस रात्रिकालीन सत्र में भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव श्री मनीष चेलक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्री चेलक ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा कि सतनामी समाज शांति, सत्य और मानवता का प्रतीक है, किंतु जब समाज पर अन्याय और अत्याचार थोपा जाता है, तब यह समाज संघर्ष करने से कभी पीछे नहीं हटता। उन्होंने कहा कि सतनामी समाज बाबा गुरु घासीदास जी के शांति के मार्ग पर चलता है, वहीं आवश्यकता पड़ने पर राजा गुरु बालक दास जी के क्रांतिकारी विचारों से प्रेरणा लेकर अन्याय के विरुद्ध डटकर खड़ा होता है।
उन्होंने आगे कहा कि सतनामी समाज भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा प्रदत्त संविधान को अपना मार्गदर्शक मानते हुए समानता, न्याय और बंधुत्व के मूल्यों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करता आया है। उन्होंने समाज के युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने, संगठन को मजबूत करने और संवैधानिक चेतना को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में श्री बिरेंद्र कमल (जिला अध्यक्ष, सारंगढ़–बिलाईगढ़, भीम रेजिमेंट छत्तीसगढ़), श्री राजकुमार कमल (युवा नेता, बिलाईगढ़), श्री गणेश बंजारे (अधिवक्ता, बिलाईगढ़), श्री राजकुमार जांगड़े (पत्रकार, बिलाईगढ़) सहित अनेक गणमान्य नागरिक मंचासीन रहे। कार्यक्रम में गांव के पंचगण, वरिष्ठजन, युवा, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
चार दिवसीय यह आयोजन सामाजिक चेतना, संगठनात्मक एकता और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश देने वाला सिद्ध हुआ। समारोह का समापन बाबा गुरु घासीदास जी के विचारों को आत्मसात करने तथा समाज को संगठित और जागरूक बनाए रखने के संकल्प के साथ किया गया।


















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