सेवा, समर्पण और समरसता की मिसाल: हथबंद से उठी मानवता की महक, गिरौदपुरी जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे भंडारा
बलौदाबाजार जिला सिमगा ब्लॉक अंतर्गत हथबंद में आस्था की राह पर चलने वाले कदम जब गिरौदपुरी मेला की ओर बढ़ते हैं, तो हथबंद में उन्हें मिलता है अपनापन, सेवा और समर्पण का स्नेह।
परिक्षेत्र सतनामी समाज, हथबंद द्वारा आयोजित निःशुल्क भोजन भंडारा पिछले 15 वर्षों से श्रद्धालुओं की सेवा में निरंतर समर्पित है—बिना भेदभाव, बिना थकान।
इस सेवा कार्य की शुरुआत जनपद अध्यक्ष डॉ. दौलतराम पाल द्वारा विधिवत आरती के साथ हुई। उन्होंने संत शिरोमणि गुरु घासीदास जी के चरणों में नमन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की कामना की। आरती के दौरान उपस्थित जनसमूह ने एक स्वर में मानवता और समानता का संदेश दोहराया।
22 से 24 तारीख तक परिक्षेत्र हथबंद स्थित सतनाम भवन में चल रहे इस राज्यस्तरीय भंडारे में भोजन के साथ-साथ ठहरने की भी समुचित व्यवस्था की गई है। दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पानी, विश्राम स्थल और सादर स्वागत की व्यवस्था समाज के युवा और वरिष्ठ पदाधिकारी मिलकर कर रहे हैं।
रात्रि में छोटे बच्चों द्वारा प्रस्तुत पंथी नृत्य पूरे वातावरण को भक्तिमय बना देता है। पारंपरिक वेशभूषा और जोश से भरी प्रस्तुति श्रद्धालुओं को गुरु परंपरा की याद दिलाती है। ढोल-मंजीरे की थाप पर गूंजता संदेश साफ है—“मनखे-मनखे एक समान।”
यह भंडारा केवल भोजन वितरण नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, संगठन शक्ति और सेवा भावना का जीवंत उदाहरण है। वर्षों से निरंतर चल रहा यह प्रयास बताता है कि जब समाज संगठित होता है, तो सेवा ही उसकी सबसे बड़ी पहचान बन जाती है।
इस अवसर पर सी.आर. बघेल (पूर्व अध्यक्ष), भुवन कोसले, मुलचंद टंडन, नरेश अनंत (सरपंच प्रतिनिधि), खोमलाल साहू, रेशम लाल, धन्ना धनेश्वर निषाद, भारत चतुरे, कुमार कोशले, संतोष रात्रे, संतराम ध्रुव, प्रकाश पाल, ठाकेश सहित बड़ी संख्या में संत समाज के सदस्य उपस्थित रहे।
हथबंद की यह पहल सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि आस्था के मार्ग पर चलने वालों के लिए सेवा का उज्ज्वल दीप है।
CNI NEWS सिमगा से ओंकार साहू की रिपोर्ट



















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