छत्तीसगढ़।
चांपा शहर में शासकीय उचित मूल्य की दुकान के गोदाम में चावल के समीप कचरा पड़ा होने पान-गुटखा खाकर थूकने का मामला
चांपा शहर में शासकीय उचित मूल्य दुकान पंजी क्रमांक 815 मे अनियमितताओं के आरोप नियमों की खुलेआम धज्जिया उड़ाया जा रहा है
जिला जांजगीर-चांपा के चांपा शहर मे सेवा सहकारी समिति मर्यादित चांपा (पंजीयन क्रमांक 815) मांझाली तालाब के पास संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकान में गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
स्थानीय हितग्राहियों ने आरोप लगाया है कि दुकान संचालक द्वारा शासन के निर्धारित नियमों की धज्जिया उड़ते हुए उपभोक्ताओं से अधिक राशि वसूली की जा रही है तथा खाद्यान्न के भंडारण में भी भारी लापरवाही बरती जा रही है।
शक्कर में अधिक दर वसूली का आरोप
हितग्राहियों के अनुसार शासन द्वारा शक्कर की निर्धारित दर ₹17 प्रति किलो है जबकि दुकान में ₹20 प्रति किलो की दर से वसूली की जा रही है। आरोप है कि अतिरिक्त राशि लेकर उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
चावल भंडारण में लापरवाही
दुकान के गोदाम में चावल के समीप कचरा पड़ा होने पान-गुटखा खाकर थूकने तथा नीचे रखे चावल को पैरों तले कुचलने जैसी गंभीर लापरवाहि की गई है। इससे खाद्यान्न की गुणवत्ता और स्वच्छता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
चावल की अवैध बिक्री की आशंका
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि दुकान कर्मचारियों द्वारा चावल की खुले बाजार में बिक्री की जा रही है। एक महिला द्वारा कथित रूप से एक क्विंटल चावल खरीदने की मांग पर ₹2600 में चावल देने की बात कही गई और निश्चित समय पर आने को कहा गया। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
अधिकृत कर्मचारी की अनुपस्थिति
आरोप यह भी है कि समिति में नियुक्त कर्मचारी राजेश रजक नियमित रूप से दुकान पर उपस्थित नहीं रहते हैं और उनके स्थान पर उनके भाई नरेश रजक द्वारा चावल वितरण किया जाता है जो नियमों के विरुद्ध बताया जा रहा है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय उपभोक्ताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को बाध्य होंगे।






















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.