बिलाईगढ़ में शिव मंदिर निर्माण के पावन संकल्प के साथ संगीतमय श्री शिवमहापुराण कथा का भव्य शुभारंभ
बिलाईगढ़।
धर्म, श्रद्धा और सनातन संस्कृति की अनुपम छटा से सराबोर नगर बिलाईगढ़ इन दिनों पूर्णतः शिवमय हो उठा है। शिव मंदिर निर्माण के उपलक्ष्य में थाना मैदान में आयोजित संगीतमय श्री शिवमहापुराण कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ 11 फरवरी 2026 को विशाल शोभायात्रा एवं आकर्षक कलश यात्रा के साथ अत्यंत श्रद्धा और उल्लासपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ।
नगर की सड़कों पर जब सैकड़ों महिलाएं लाल-पीले पारंपरिक परिधान धारण कर सिर पर पवित्र कलश रख मंगलगीत गाते हुए आगे बढ़ीं, तब पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब इस आध्यात्मिक आयोजन की गरिमा और महत्व को दर्शा रहा था। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती शोभायात्रा ने भक्ति की ऐसी अलौकिक छटा बिखेरी कि प्रत्येक जनमानस शिवभक्ति में भाव-विभोर हो उठा।
प्रथम दिवस विधिवत वेदी पूजन, पीठ पूजन एवं वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य कथा का शुभारंभ किया गया। कथा वाचन की दिव्य रसधारा प्रवाहित कर रहे हैं सुप्रसिद्ध कथा व्यास आचार्य श्री मनीष दुबे (बेलमुंडी वाले, बिलासपुर), जिनकी ओजस्वी वाणी, मधुर संगीतमय प्रस्तुति और गहन आध्यात्मिक चिंतन श्रद्धालुओं को भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के पथ पर अग्रसर कर रहा है। शिवपुराण के पावन प्रसंगों का सजीव, भावपूर्ण एवं हृदयस्पर्शी वर्णन उपस्थित जनसमूह को आत्मिक शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर रहा है।
यह पावन कथा महोत्सव 11 फरवरी से 16 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 03:00 बजे से शिवकृपा पर्यंत आयोजित किया जा रहा है। आयोजन स्थल थाना मैदान, बिलाईगढ़ को भव्य सज्जा एवं दिव्य प्रकाश व्यवस्था से सुसज्जित किया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
इस महायज्ञ के मुख्य यजमान लव-लवी सोनी हैं। यह आयोजन स्वर्गीय श्री पन्नालाल सोनी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया जा रहा है, जिससे यह अवसर और भी भावनात्मक एवं पुण्यदायी बन गया है। सोनी परिवार सहित नगर के धर्मनिष्ठ नागरिकों का समर्पण और सहयोग आयोजन की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुजनों, धर्मप्रेमियों एवं क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कथा श्रवण, सत्संग एवं शिवभक्ति का लाभ लेने की भावपूर्ण अपील की है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक जागरण और आध्यात्मिक उन्नयन की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
बिलाईगढ़ आज शिवमय है, वातावरण भक्तिमय है और जन-जन के हृदय में महादेव की महिमा का आलोक प्रज्वलित हो उठा है।


















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