हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा बिलाईगढ़, महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का सागर
बिलाईगढ़।
महाशिवरात्रि के पावन और अलौकिक पर्व पर आज पूरा बिलाईगढ़ अंचल शिवभक्ति में पूर्णतः लीन नजर आया। भोर की पहली किरण के साथ ही मंदिरों में गूंजती घंटियों, शंखनाद और घड़ियालों की दिव्य ध्वनि ने वातावरण को शिवमय बना दिया।
“हर-हर महादेव” और “बोल बम” के गगनभेदी जयघोष से नगर का कण-कण भक्तिरस में सराबोर हो उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं कैलाशपति भोलेनाथ की कृपा इस पावन धरती पर बरस रही हो।
मंदिरों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तजन बिल्वपत्र, धतूरा, गंगाजल और पुष्प अर्पित कर भोलेनाथ का जलाभिषेक करते रहे।
महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा—सभी के चेहरों पर अपार श्रद्धा और अटूट विश्वास झलक रहा था। पूरा वातावरण भक्ति, आस्था और दिव्यता से आलोकित हो उठा।
नगर के प्रतिष्ठित व्यापारी पन्ना लव सोनी के निवास पर आयोजित संगीतमय शिव महापुराण कथा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास के मुखारविंद से झरती शिवमहिमा की अमृतवर्षा ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों की मधुर स्वर लहरियों और “ओम नमः शिवाय” के अखंड जाप से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से स्पंदित होता रहा। श्रद्धालु भावविभोर होकर कथा श्रवण करते रहे और कई भक्तों की आंखें भक्ति-भाव से नम हो उठीं।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर सेवा और समर्पण की भी अनुपम मिसाल देखने को मिली। संगम चौक के समीप रवि राकेश द्वारा विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जहां श्रद्धालुओं को प्रेमपूर्वक खीर-पूरी का प्रसाद वितरित किया गया। भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजकों के सेवा भाव को साधुवाद दिया। नगर के अन्य स्थानों पर भी श्रद्धालुओं द्वारा भंडारे, फलाहार और जलसेवा का आयोजन किया गया, जिससे हर ओर करुणा, सहयोग और समर्पण की भावना प्रकट हुई।
महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व बिलाईगढ़ में केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और सामाजिक एकता का जीवंत उत्सव बन गया। शिवभक्ति की इस अलौकिक छटा ने पूरे नगर को आध्यात्मिक आलोक से प्रकाशित कर दिया। सचमुच, आज बिलाईगढ़ का हर हृदय, हर मार्ग और हर आंगन ‘बम-बम भोले’ के जयघोष से गूंज उठा।





















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