किसानों के अधिकारों के समाधान का सुनहरा अवसर राजस्व पखवाड़ा 2026 : अशवंत तुषार साहू
महासमुंद : राजस्व पखवाड़ा 2026 छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए उनके अधिकारों, भूमि संबंधी विवादों और रिकॉर्ड सुधारों के समाधान का एक सुनहरा अवसर है। यह पहल सरकार द्वारा सुशासन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए चलाई जा रही है।
जिसमे किसान मोर्चा भाजपा के प्रदेश कार्यकारनी सदस्य अशवंत तुषार साहू ने किसानों से इन शिविरों में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
ग्राम स्तर पर आयोजित शिविरों में किसान अपने लंबित राजस्व मामलों (नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन) का निराकरण कराकर और भूमि रिकॉर्ड शुद्ध कर सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित कर सकते हैं। यह पहल किसानों को सशक्त बनाने और उनके अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।
किसानों से अनुरोध है कि वे इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी समस्याओं का समाधान कराएं।
राजस्व पखवाड़ा 2026 के मुख्य उद्देश्य और लाभ:
भूमि रिकॉर्ड में सुधार: किसानों को खसरा, खतौनी, और नक्शा में सुधार, नामांतरण (Mutation), और सीमांकन (Demarcation) जैसे लंबित मामलों का मौके पर ही निपटारा।
अधिकारों का संरक्षण: रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से किसानों को उनकी भूमि पर निर्विवाद अधिकार सुनिश्चित करना।
कृषक उन्नति योजना से जुड़ाव
छत्तीसगढ़ में 2026 में किसानों को धान अंतर राशि का भुगतान और कृषक उन्नति योजना के तहत लाभ पहुंचाने के लिए राजस्व रिकॉर्ड का अपडेट होना आवश्यक है, जो इस पखवाड़े में संभव होगा।
समस्याओं का समाधान:
भूमि अधिग्रहण, मुआवजे, या अन्य राजस्व संबंधी समस्याओं को शिविरों के माध्यम से सुलझाना।
डिजिटल सेवा: 'एग्रीस्टैक' (Agri Stack) के तहत किसानों का डिजिटल पंजीकरण और भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण, जिससे कृषि ऋण और बीमा में आसानी हो।
यह पखवाड़ा विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए महत्वपूर्ण है ताकि वे सरकारी योजनाओं (जैसे पीएम-किसान, कृषक उन्नति योजना) का लाभ बिना किसी बाधा के उठा सकें।



















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