हिंदू नव वर्ष व चैत्र नवरात्र पर मुख्यमंत्री से भेंट, धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के ऐतिहासिक क्षण के बने साक्षी
छुरिया:-हिंदू नव वर्ष एवं पावन चैत्र नवरात्र के शुभ अवसर पर जिला पंचायत राजनांदगांव के जनप्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस आत्मीय भेंट में प्रदेश की सुख-समृद्धि, सांस्कृतिक उन्नति एवं सर्वांगीण विकास को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण रविन्द्र वैष्णव के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश में तेजी से हो रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सुशासन की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों तक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो रहा है।
इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती किरण साहू, जिला पंचायत सभापति श्री प्रशांत कोडापे, श्री गोपाल भुआर्य, श्रीमती शीला सिन्हा, श्रीमती किरण विनोद बारले, श्रीमती देव कुमारी साहू, श्रीमती बिरम मंडावी, श्रीमती अनीता मंडावी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही जिला भाजपा पूर्व महामंत्री श्री रविन्द्र वैष्णव, भाजपा मंडल गैंदाटोला महामंत्री श्री रामकुमार मंडावी, विनोद बारले, ललित साहू, एस. कुमार सिन्हा एवं सुशील कसेर की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल को छत्तीसगढ़ विधानसभा में पारित हुए धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 के ऐतिहासिक अवसर का साक्षी बनने का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ। सभी जनप्रतिनिधियों ने अध्यक्षीय दीर्घा से विधानसभा सत्र का अवलोकन किया और लोकतंत्र की इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया को निकट से अनुभव किया। इसे उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन का अत्यंत गौरवपूर्ण एवं प्रेरणादायक क्षण बताया।
इस विशेष अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, प्रदेश के गृह मंत्री एवं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा तथा छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद से ही उन्हें विधानसभा की कार्यवाही को प्रत्यक्ष रूप से देखने का अवसर मिला।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 का पारित होना छत्तीसगढ़ के सामाजिक संतुलन, सांस्कृतिक संरक्षण एवं नागरिकों के अधिकारों की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रदेश में सामाजिक समरसता और कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने में सहायक सिद्ध होगा।
अंत में सभी जनप्रतिनिधियों ने संकल्प व्यक्त किया कि वे मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में प्रदेश के विकास एवं जनसेवा के कार्यों को और अधिक गति देने हेतु निरंतर कार्य करते रहेंगे तथा शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।
सीएन आई न्यूज के लिए विजय निषाद की रिपोर्ट


















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