Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Monday, March 30, 2026

30 फीट ऊंचाई से गिरा मजदूर, एक की मौत, दूसरा कोमा में; केसदा के स्वदेश मेटालिक प्लांट पर फिर उठे सुरक्षा पर सवाल

 30 फीट ऊंचाई से गिरा मजदूर, एक की मौत, दूसरा कोमा में; केसदा के स्वदेश मेटालिक प्लांट पर फिर उठे सुरक्षा पर सवाल




बलौदाबाजार जिला सिमगा ब्लॉक के अंतर्गत औद्योगिक विकास के दावों के बीच मजदूरों की सुरक्षा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ग्राम केसदा स्थित स्वदेश मेटालिक प्राइवेट लिमिटेड में शनिवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। प्लांट में काम कर रहे दो युवक लगभग 30 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गए, जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है।


मृतक की पहचान वासुदेव ध्रुव (पिता सोनू ध्रुव), निवासी ग्राम झिरिया के रूप में हुई है। वहीं गंभीर रूप से घायल परमेश्वर ध्रुव (पिता दरबारी ध्रुव), जो उसी गांव का रहने वाला है, कोमा में बताया जा रहा है और उसे इलाज के लिए रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।


बिना सुरक्षा के ऊंचाई पर काम!


प्रत्यक्षदर्शियों और ग्रामीणों के अनुसार, प्लांट में मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाते। न तो सेफ्टी बेल्ट, न हेलमेट और न ही ऊंचाई पर काम करने के लिए जरूरी सुरक्षा इंतजाम। ऐसे में यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही का नतीजा माना जा रहा है।


ग्रामीणों का कहना है कि प्लांट प्रबंधन लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहा है। “हमने कई बार शिकायत की, लेकिन हर बार आश्वासन ही मिला,” एक ग्रामीण ने आक्रोश जताते हुए कहा।


पहले भी उठते रहे हैं सवाल


यह पहला मामला नहीं है जब स्वदेश मेटालिक पर आरोप लगे हों। केसदा, खपरीकला, नेवधा और रिंगनी गांवों के लोगों ने पहले भी प्लांट पर प्रदूषण फैलाने और मनमानी करने के आरोप लगाए थे। कई बार प्रशासन तक शिकायत पहुंची, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।


हादसे के बाद उबाल में गांव


घटना की जानकारी रविवार सुबह जैसे ही फैली, ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग प्लांट के बाहर जुट गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों की मांग है कि हादसे की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।


जिम्मेदारी कौन लेगा?


यह सवाल अब पूरे इलाके में गूंज रहा है कि आखिर मजदूरों की जान की कीमत क्या है? क्या औद्योगिक इकाइयों को केवल उत्पादन से मतलब है, या वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा भी उनकी जिम्मेदारी है?


जब तक इस हादसे की निष्पक्ष जांच और ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह घटना केवल एक खबर नहीं, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता की कहानी बनकर रह जाएगी।


CNI NEWS सिमगा से ओंकार साहू की रिपोर्ट

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad