कैबिनेट मंत्री लखन देवांगन ने दिलाया टीबी मुक्त कोरबा के लिये संकल्प
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
कोरबा - विश्व क्षय दिवस के अवसर पर टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में 100 दिवसीय विशेष पहचान एवं उपचार अभियान का शुभारंभ आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग , वाणिज्य , श्रम , आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अभियान के तहत जिले में टीबी के संभावित मरीजों एवं उच्च जोखिम वाले समूहों की पहचान कर उनकी समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जायेगा , ताकि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को प्रभावी रूप से प्राप्त किया जा सके। कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कैबिनेट मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में टीबी को जड़ से समाप्त करने का अभियान स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सतत प्रयासों से प्रदेश में गांव से लेकर शहर तक टीबी की रोकथाम एवं उपचार के लिये निरंतर कार्य किये जा रहे हैं तथा मरीजों के लिये निःशुल्क उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने कहा कि कोरबा जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा सार्वजनिक उपक्रमों के सहयोग से टीबी उन्मूलन की दिशा में सशक्त अभियान चलाया जा रहा है। “निक्षय निरामय मित्र” जैसी पहल के माध्यम से टीबी मरीजों की पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। मंत्री देवांगन ने बताया कि जिले में टीबी मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है और वर्तमान में 101 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त घोषित हो चुकी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि निरंतर प्रयासों से जल्द ही कोरबा जिले को पूर्णतः टीबी मुक्त बनाया जा सकेगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि टीबी के लक्षणों की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान कर तुरंत जांच एवं उपचार करायें। जिले के सभी शासकीय एवं निजी अस्पतालों में उपचार की पर्याप्त सुविधायें उपलब्ध है। उन्होंने टीबी मरीजों के उपचार में परिवार , समाज एवं सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर बल देते हुये सभी से सहयोग करने तथा टीबी मुक्त कोरबा बनाये रखने में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया। इस दौरान मंत्री देवांगन ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगो को टीबी मुक्त भारत बनाने हेतु योगदान देने का शपथ दिलाया। साथ ही जिले के टीबी मुक्त घोषित पंचायतों को प्रमाण पत्र एवं गांधी प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया। टीबी उन्मूलन में योगदान देने वाले सार्वजनिक उपक्रम , समाजसेवी संस्थानों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में 20 टीबी मरीजों को पोषण सहयोग प्रदान करने हेतु निक्षय किट का वितरण किया गया , जिससे उनके उपचार में सहायता मिल सके। इस दौरान निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय ने कहा कि टीबी से संबंधित जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है , ताकि समय रहते बीमारी की पहचान और उपचार संभव हो सके। उन्होंने आमजन से सतर्क रहने की अपील करते हुये कहा कि टीबी के लक्षणों की प्रारंभिक पहचान बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को विशेष देखभाल एवं उचित उपचार की आवश्यकता होती है , जिसमें परिवार और समाज की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समय पर जांच , उपचार एवं पोषण सहयोग के माध्यम से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। प्रभारी कलेक्टर ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे जागरूक बनें , लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करायें और टीबी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ दिनेश कुमार नाग , अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल , मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एस एन केसरी , जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ बी आर रात्रे , लायन्स क्लब के अध्यक्ष विक्रम अग्रवाल , एनजीओ प्रमुख , जनप्रतिनिधि सहित टीबी मुक्त पंचायतो के सरपंच , मितानिन एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.