Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Thursday, March 19, 2026

चैत्र नवरात्र आज से होंगे प्रारम्भ -

 चैत्र नवरात्र आज से होंगे प्रारम्भ -



सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी। 

हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि की पूजा का खास महत्व  है। यह मां दुर्गा की पूजा आराधना  का बड़ा पर्व माना जाता है। शक्ति की आराधना का पर्व चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाया जाएगा।




 इस साल नवरात्रि कई ज्योतिषीय संयोगों के कारण विशेष मानी जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार करीब 72 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब नवरात्रि की शुरुआत अमावस्या तिथि के प्रभाव में होगी और उसी दिन कलश स्थापना की जाएगी। 




चूंकि 19 मार्च को सूर्योदय अमावस्या में होगा, इसलिए उसी दिन से नवरात्रि की शुरुआत मानी जाएगी और कलश स्थापना भी उसी दिन की जाएगी। इस दौरान श्रृद्धालु अपने  घरों  में घटस्थापना के अलावा व्रत रखेंगे , और मां दुर्गा की पूजा करेंगे। श्रृद्धालु  इन नौ दिनों को साधना और आत्मशुद्धि का समय भी मानते हैं।


चैत्र नवरात्रि 2026 प्रतिपदा तिथि-


हिंदू पंचांग के अनुसार, गुरूवार को कलश स्थापना के साथ नवरात्रि प्रारंभ हो जाएगी। ऐसे में 19 मार्च को कलश की स्थापना कर दुर्गा माता की पूजा आरंभ की जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र नवरात्रि का आरंभ चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से होता है। इस बार प्रतिपदा तिथि 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। इसी वजह से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत 19 मार्च से मानी जाएगी।


घटस्थापना के लिए शुभ मुहूर्त-


चैत्र नवरात्रि में घटस्थापना का विशेष महत्व होता है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा के साथ कलश स्थापना की जाती है। 19 मार्च को सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे के बीच घटस्थापना करना शुभ रहेगा।


कलश स्थापना और पूजन विधि -

• नवरात्रि के प्रथम दिन प्रातः ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध कर लाल वस्त्र बिछाएं। इसके पश्चात माँ दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।


• एक मिट्टी के पात्र में स्वच्छ मिट्टी भरकर उसमें जौ बोएं। यह जौ समृद्धि और उन्नति का प्रतीक माना जाता है। फिर एक तांबे या मिट्टी के कलश में जल भरें और उसमें सुपारी, सिक्का तथा अक्षत डालें। कलश के मुख पर आम के पत्ते रखें और नारियल को लाल वस्त्र में लपेटकर स्थापित करें।


• इस कलश को देवी की चौकी के समीप स्थापित करें। इसके बाद अखंड ज्योति प्रज्वलित करें, जो पूरे नौ दिनों तक निरंतर जलती रहे। यदि अखंड ज्योति संभव न हो, तो प्रतिदिन पूजा के समय दीपक अवश्य जलाएं।


• पूजन के समय ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे’ मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करें। साथ ही दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और अंत में आरती के साथ पूजा संपन्न करें।


दुर्गा सप्तशती पाठ का आध्यात्मिक महत्व -


दुर्गा सप्तशती का पाठ माँ अम्बे की कृपा प्राप्त करने का सर्वोत्तम साधन माना गया है। यह पाठ मानसिक शक्ति को बढ़ाता है और भय, बाधाओं तथा नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करता है। नियमित पाठ से साधक के जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है और शत्रु बाधाएं दूर होती हैं।


ऐसा माना जाता है कि यह पाठ रोगों से रक्षा करता है तथा मन को शांति प्रदान करता है। जो भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ इसका पाठ करता है, उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अवश्य आते हैं।


नवरात्रि में दान का महत्व -


नवरात्रि साधना के साथ-साथ सेवा का भी पर्व है। शास्त्रों में कहा गया है कि इन नौ दिनों में किया गया दान माँ के आशीर्वाद के साथ पुण्य फल प्रदान करता है। जरूरतमंदों को दिया गया दान माँ दुर्गा की सच्ची आराधना मानी जाती है।


विशेष रूप से कन्याओं, असहायों और दिव्यांगजनों की सहायता करना अत्यंत पुण्यकारी माना गया है। सेवा भाव से किया गया दान न केवल समाज को सशक्त बनाता है, बल्कि साधक के जीवन में भी सुख-समृद्धि का मार्ग खोलता है।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad