सरिता सूर्यवंशी को दी गई भावभीनी विदाई
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
जांजगीर चाम्पा - जिले के नवागढ़ विकासखण्ड अंतर्गत आने वाले ग्राम अमोरा (महन्त) के स्काई माउंट इंग्लिश मीडियम स्कूल में विगत चार वर्षों से निरंतर अपनी सेवायें दे रही शिक्षिका सरिता सूर्यवंशी को आज विद्यालय परिवार द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में एक सादगीपूर्ण किन्तु भावनात्मक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के संचालक , प्रधानाचार्य , समस्त शिक्षकगण एवं छात्र-छात्रायें उपस्थित रहे। सभी ने सरिता सूर्यवंशी के कार्यकाल की सराहना करते हुये उनके समर्पण , अनुशासन एवं विद्यार्थियों के प्रति उनके स्नेहपूर्ण व्यवहार को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने विद्यालय की प्रगति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है और उनके द्वारा दी गई शिक्षा एवं संस्कार हमेशा छात्रों के जीवन में मार्गदर्शक बने रहेंगे। विदाई समारोह के दौरान छात्र-छात्राओं ने अपने अनुभव साझा करते हुये कहा कि सरिता मैडम ने उन्हें ना केवल पढ़ाई में बल्कि जीवन के मूल्यों को समझने में भी प्रेरित किया। बताते चलें कि सरिता सूर्यवंशी अब अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत करने जा रही हैं। इस शुभ अवसर पर विद्यालय परिवार ने उनके सुखद एवं सफल वैवाहिक जीवन की कामना करते हुये उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिये शुभकामनायें दीं। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। इस दौरान वातावरण भावुक हो गया और सभी ने उन्हें स्नेहपूर्वक विदाई दी।
बहुत खुबसूरत पल था चार वर्ष - सरिता
विदाई समारोह के पश्चात मीडिया से अपने संक्षिप्त चर्चा में सरिता ने अरविन्द तिवारी से कहा कि किसी भी विद्यालय में शिक्षिका बनना एक बहुत ही सम्मानजनक और प्रेरणादायक काम है। शिक्षा के माध्यम से बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने का संतोष मिलता है। स्कूल का माहौल कभी बोरिंग नहीं होता , हर दिन नई चुनौतियाँ और खुशियाँ लेकर आता है। मेरा स्कूल में पढ़ाने का अनुभव सुखद रहा। बच्चों को शिक्षित करना , उनका मार्गदर्शन करना और उनके साथ समय बिताना इन सभी कार्यों में मुझे जितनी खुशी मिली , उसका मैं वर्णन नही कर सकती। अपने चार वर्ष के शिक्षकीय कार्यों को याद करते हुये सरिता ने कहा कि यह चार वर्ष मेरे लिये बहुत ही खुबसूरत पल था , छोटे बच्चों से मिलना , उनके साथ काम करना और उनकी हर सफलता में शामिल होना मेरे लिये एक खुशी का अनुभव है। वहीं विद्यालय के सभी स्टॉफ शांत स्वभाव के मिले और उन सबका मुझे हमेशा सकारात्मक सहयोग मिला। विद्यालय स्टॉफ और छात्र छात्राओं को मैं शुभकामनायें देती हूं कि दोनो अपने - अपने क्षेत्रों में लगन से ऐसे काम करें , जिससे विद्यालय का नाम रोशन हों।


















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