छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी फेडरेशन 01 मई मजदुर दिवस के दिन करेंगें रायगढ़ स्थित वित्त मंत्री कार्यालय का घेराव,
रायपुर / छत्तीसगढ़ सरकार जन घोषणा पत्र तैयार कर मोदी की गारंटी का आईना दिखाते हुए नियमितीकरण करने स्थायीकरण करने का वादा किया था वादा करने के बावजूद भी जिम्मेदार मंत्री पिछे हट रहे है यही हाल कांग्रेस पार्टी ने किया था!
भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी में कोई अंतर ही नही रह गया है, लोक लुभावन वादा करके सत्ता में आते है और सत्ता में आते ही दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी, दैनिक श्रमिक, स्कुल सफाई कर्मचारी, अनियमित कर्मचारी लोगों को भुल जाते हैं मंत्रियों से मुलाकात करने पर जुबान पर एक ही बाते रहती है रटे रूटाये की लास्ट में करेंगे।
जब सत्ता में रहते हुए चार वर्षों में निर्णय नही ले पाते है तो छ: माह में क्या निर्णय ले पायेगा, वही बाते याद आता है जब मा.डा.रमन सिंह जी मुख्य मंत्री रहा और अपने कार्यकाल के अंतिम में शिक्षा कर्मियों को नियमित किया उसके बावजूद भी पार्टी को हारना पड़ा था।
देर से किया हुआ न्याय भी अन्याय के समान होता है, जब इंसान को भुख लग रहा है तो खाना नही दिया जा रहा है, जब भूख ही मिट जायेगा तो छप्पन भोग भी देगा तो कोई काम का नही है।
केन्द्र सरकार ने 04 श्रम कानून कोड लागु किया जो संपूर्ण भारत में लागु होगा करके लोकसभा में घोषणा किये , लेकिन छत्तीसगढ़ की बदहाली ने उस नियम को भी पालन करने में पिछे रह गये। हर सरकार सत्तसिन होने पर केवल विकास का नारा लगाते है किन्तु विकास धरातल पर दिखता ही नही करना ही है तो व्यक्ति का विकास करें तब कहीं जाकर 2047 के कल्पना साकार होगा।
छत्तीसगढ़ में लगातार दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का शेषण होते जा रहा है, जब नियमितीकरण की पारी आती है तो,मंत्री से मंत्रालय के सचिव यही कहते है कि बैकडोर एन्ट्री है नियमितीकरण की पात्रता नही रखते हैं।
उमादेवी प्रकरण का हवाला देकर नियमितीकरण से वंचित करने का प्रयास किया जाता रहा है, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि नियमितीकरण में उमादेवी प्रकरण बाधा नही बनन सकता है। लंबे समय से अस्थायी रूप से अनियमित रूप से कार्य में लेकर उन्हे नियमितीकरण से वंचित नही किया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ में दैनिक वेतनभोगी,वाहन चालक,कार्यालय सहायक, कम्प्युटर आपरेटर, डाटा एंट्री आपरेटर,सुरक्षा श्रमिक, दैनिक श्रमिक, स्कुल सफाई कर्मचारी,अपने अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। 04 श्रम कानून का पालन करते हुए वेतन में भी वृद्धि नही की गई है जिसके कारण भी सरकार के कार्यशैली के लेकर नराजगी है।
छत्तीसगढ़ में शासन सत्ता की चाबी वित्त मंत्री के हांथो में है जैसा वो चाह रहे है छत्तीसगढ़ में वैसा ही हो रहा है क्योंकि बजट उनके मुट्ठी में है, इसलिये छत्तीसगढ़ दैनिक वेतनभोगी वन कर्मचारी फेडरेशन ने निर्णय लिया है कि रायगढ़ स्थित वित्त मंत्री के कार्यालय का घेराव किया जायेगा।
इसिलेय फैडरेशन ने समस्त विभागों, निगम,मंडल,बोर्ड में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी वाहन चालक, कार्यालय सहायक, कम्प्युटर आपरेटर, सुरक्षा श्रमिक,दैनिक श्रमिक, स्कुल सफाई कर्मचारियो से निवेदन किया है कि 01 मई मजदुर दिवस के दिन रायगढ़ वित्त मंत्री कार्यालय के घेराव को सफल बनावें!
(1) समस्त विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगियों को नियमितीकरण किया जावें!
(2) समस्त विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी जिनकी सेवा अवधि 02 वर्ष पूर्ण हो चुका है उसे स्थायीकरण किया जावें!
(3) वन विभाग में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियो के लिये आकस्मिकता कार्यभारित सेवा नियम लागु करने के लिये प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा गया है उसे जल्द पास किया जावें!
(4)समस्त विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी,सुरक्षा श्रमिक,दैनिक श्रमिक जिन्हे श्रम सम्मान राशि से वंचित किया गया है उन्हे 4,000 रूपया श्रम सम्मान राशि भुगतान किया जावें!
(5) समस्त विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी,सुरक्षा श्रमिक,दैनिक, श्रमिकों के लिए 04 श्रम कानून कोड को लागु करते हुए केन्द्र के समान वेतन दिया जावें!
(6) स्कुल शिक्षा विभाग में स्कुल सफाई कर्मचारियो को अंशकालिक के रूप में वेतन भुगतान किया जा रहा है,उन्हे पूर्णकालिन करते हुए श्रमायुक्त दर से वेतन भुगतान किया जावें!
(7)समस्त विभाग,निगम,मंडल,बोर्ड में ठेका आऊटसोर्स,प्लेसमेंट प्रथा लागु किया जा रहा है, जिसे तत्काल बंद किया जावें!
(8) समस्त विभागों में तृतिय श्रेणी,चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती किया जा रहा है जिस पर तत्काल रोक लगाते हुए सर्व प्रथम योग्यता व कार्य अनुभव के आधार पर दैनिक वेतनभोगियों को समायोजन किया जावें!
(9)छत्तीसगढ़ के अंतर्गत समस्त विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों, दैनिक श्रमिक,तेन्दुपत्ता गोदाम श्रमिक,सुरक्षा श्रमिकों के लिये 01 मई मजदुर दिवस के दिन को शासकीय अवकाश घोषित किया जावें!
(10) समस्त विभागों में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी, वाहन चालक,कार्यालय सहायक, कम्प्युटर आपरेटर,दैनिक श्रमिक,सुरक्षा श्रमिक,तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक के निधन हो जाने पर 10 लाख रूपया अनुकम्पा अनुदान की राशि भुगतान किया जावे तथा उनके परिवार के एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति दिया जावें!
फैडरेशन के संयोजक रामकुमार सिन्हा ने समस्त विभागों के दैविक वेतनभोगी कर्मचारी, कम्प्युटर आपरेटर,डाटा एन्ट्री आपरेटर, कार्यालय सहायक, वाहन चालक, सुरक्षा श्रमिक,दैनिक श्रमिक, तेन्दुपत्ता गोदाम सुरक्षा श्रमिक,स्कुल सफाई कर्मचारियों से आग्रह किया है कि 01 मई मजदुर दिवस को वित्त मंत्री कार्यालय के घेराव को सफल बनाऐ!


















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