पश्चिम बंगाल में 91 और तमिलनाडु में 84 प्रतिशत से अधिक वोटिंग।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी। पश्चिम बंगाल के पहले चरण में 152 सीटों पर 91.64 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जबकि तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 84.56 प्रतिशत वोटिंग हुई।
शाम छह बजे तक दोनों राज्यों में बंपर मतदान देखा गया, जिसमें महिलाओं का खासा उत्साह नजर आया।
भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बयान देते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में इस बार आजादी के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा मतदान हुआ है। यानी इन दोनों राज्यों में पहली बार इतना ज्यादा वोटिंग प्रतिशत दर्ज किया गया है।
चुनाव आयोग हर वोटर को सलाम करता है, जिन्होंने बड़ी संख्या में आकर अपने वोट का इस्तेमाल किया।
पश्चिम बंगाल में 1478 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करोड़ों मतदाताओं ने किया। टीएमसी और बीजेपी के बीच कड़ा मुकाबला है। तमिलनाडु में डीएमके की अगुवाई वाले इंडिया गठबंधन और एआईएडीएमके-बीजेपी के एनडीए के बीच टक्कर रही। दोनों राज्यों में सुबह से मतदान केंद्रों के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं।
हालाँकि बंगाल में मतदान के दौरान हिंसा की छाया भी रही। मुर्शिदाबाद में टीएमसी कार्यकर्ताओं और एयूजेपी के संस्थापक हुमायूं कबीर के बीच झड़प हो गई। कबीर के काफिले पर हमला हुआ, पत्थरबाजी की गई और वाहन क्षतिग्रस्त कर दिए गए। कबीर ने टीएमसी पर धमकाने और चुनावी धांधली का आरोप लगाया। सिलीगुड़ी में भी टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़पें हुईं।
कुमारगंज में बीजेपी प्रत्याशी शुभेंदु सरकार पर हमला हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बूथों से उनके पोलिंग एजेंटों को जबरन हटा दिया गया। वीडियो में दिखा कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें खेतों में दौड़ाया और पीटा। असंसोल में बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल की कार पर पत्थर फेंके गए और उसे तोड़ दिया गया। पिंगला इलाके में एक बूथ पर सभी पोलिंग कर्मचारी अपनी ड्यूटी छोड़कर चले गए, जिस पर चुनाव आयोग ने पूरे स्टाफ को तुरंत सस्पेंड कर दिया।
अधिकारियों ने बताया कि उच्च मतदान प्रतिशत लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है। बावजूद बंगाल में छिटपुट हिंसा के कुल मिलाकर मतदाताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। मतगणना चार मई को होगी ।




















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