कत्थक प्रतियोगिता में स्नेहा शर्मा को मिला दूसरा स्थान
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर - राजधानी के रंगमंदिर में आयोजित सप्तदिवसीय संगीत कला अकादमी के प्रतिष्ठित 'नटरंग' महोत्सव में मुंगेली की प्रतिभावान नृत्यांगना कुमारी स्नेहा शर्मा ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुये कत्थक नृत्य प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। देश भर से आये दिग्गजों के बीच स्नेहा की इस उपलब्धि ने ना केवल उनके परिवार , बल्कि पूरे मुंगेली जिले को गौरवान्वित किया है। बताते चलें कि धरमपुरा (मुंगेली) निवासी सतीश शर्मा एवं श्रीमती प्रेमलता शर्मा की सुपुत्री स्नेहा ने कला के क्षेत्र में विश्वविख्यात खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय से कत्थक में बी.पी.ए. की डिग्री हासिल की है। इससे पूर्व उन्होंने एक वर्ष तक कलाकेंद्र मुंगेली में अपनी सेवायें दी हैं और वर्तमान में वे 'सेवंटी प्लस प्रोग्रेसिव स्कूल' में कत्थक प्रशिक्षिका के रूप में नई पीढ़ी को इस शास्त्रीय कला के गुण सिखा रही हैं। नटरंग महोत्सव की समापन के पश्चात कत्थक नृत्यांगना सुश्री स्नेहा शर्मा ने मीडिया से चर्चा करते हुये अरविन्द तिवारी को बताया कि कत्थक भारतीय शास्त्रीय नृत्य की आठ मुख्य शैलियों में से एक है। यह नृत्य शैली अपने सधे हुये पद संचालन (ततकार) , तीव्र चक्रों और भावपूर्ण हस्तमुद्राओं के माध्यम से पौराणिक कथाओं को मंच पर जीवंत करने के लिये जानी जाती है। स्नेहा ने इसी प्राचीन कला विधा में अपनी निपुणता का परिचय दिया है। ये अपनी इस कला को व्यापक बनाने के लिये स्कूल के साथ-साथ ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कक्षाओं के माध्यम से भी छात्रों को प्रशिक्षित कर रही हैं। कई प्रतिष्ठित मंचों पर पुरस्कृत हो चुकीं स्नेहा का लक्ष्य भारतीय संस्कृति और कत्थक की विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना है। उनकी इस नवीनतम सफलता पर नगर के गणमान्य नागरिकों और कला प्रेमियों ने उन्हें शुभकामनायें दी है।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.