दिनांक: 10.04.2026
जिला: विदिशा
“पुलिस पंचायत में बुजुर्गों की पुकार—समझाइश से सुलझे पारिवारिक विवाद, बेटों को निभानी पड़ी जिम्मेदारी”
“अनुकंपा नौकरी लेने वाला बेटा सीनियर सिटीजन के आवेदन देने पर ही सुधरा, 92 वर्षीय बुजुर्ग की गुहार पर 8 लाख का कर्ज चुकाने को तैयार हुए बेटे”
पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी के निर्देशानुसार गठित पुलिस पंचायत की साप्ताहिक बैठक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे एवं पंचायत कोर कमेटी सदस्य श्री आर. कुलश्रेष्ठ, श्री प्रमोद व्यास, श्री अतुल शाह, डॉ. सचिन गर्ग, श्री विनोद शाह एवं श्री अजय टंडन की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में वरिष्ठ नागरिकों एवं पारिवारिक विवादों से जुड़े विभिन्न प्रकरणों की सुनवाई कर समझाइश के माध्यम से निराकरण किया गया।
प्रकरण क्रमांक 01 – 92 वर्षीय बुजुर्ग की गुहार पर परिवार में सहमति:
ग्रामीण क्षेत्र के 92 वर्षीय बुजुर्ग ने शिकायत की कि उन्होंने अपनी 150 एकड़ जमीन में से दोनों बेटों को 50-50 एकड़ दे दी, जबकि शेष जमीन में से 25-25 एकड़ स्वयं एवं पत्नी के नाम रखी है। इसके बावजूद बेटे उनकी जमीन पर अधिकार जताते हुए उनका कर्ज नहीं चुका रहे और आर्थिक सहयोग भी नहीं कर रहे। पुलिस पंचायत द्वारा दोनों पक्षों को समझाइश दी गई कि इस आयु में माता-पिता को किसी प्रकार की परेशानी न हो और पारिवारिक विवाद बढ़ने से सभी को नुकसान होगा। समझाइश के बाद दोनों बेटों ने मिलकर कर्ज चुकाने एवं जिम्मेदारी निभाने पर सहमति जताई।
प्रकरण क्रमांक 02 – अनुकंपा नियुक्ति के दायित्व की याद दिलाई:
एक बुजुर्ग महिला ने शिकायत की कि उनके पति की शासकीय सेवा के दौरान मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद एक बेटे ने अनुकंपा नियुक्ति ली थी और परिवार की देखभाल का आश्वासन दिया था। लेकिन नौकरी मिलने के बाद वह परिवार एवं मां के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से पीछे हट गया। पुलिस पंचायत ने स्पष्ट किया कि अनुकंपा नियुक्ति का उद्देश्य पूरे परिवार का पालन-पोषण सुनिश्चित करना है। समझाइश के बाद संबंधित पुत्र ने मां एवं परिवार की देखभाल करने की सहमति दी।
प्रकरण क्रमांक 03 – शिकायत से पहले ही सुधरा बेटा:
एक वरिष्ठ नागरिक ने शिकायत की थी कि उनका बेटा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है, जिससे वे अत्यधिक परेशान थे। पुलिस पंचायत के संज्ञान में मामला आते ही आवेदक ने बताया कि शिकायत के बाद ही बेटा सुधर गया है और अब उन्हें कोई परेशानी नहीं है। पंचायत द्वारा उन्हें आवश्यक संपर्क नंबर उपलब्ध कराते हुए भविष्य में सहायता का आश्वासन दिया गया।
प्रकरण क्रमांक 04 – मकान बेचने से रोका, परिवार को साथ रहने की सलाह:
एक वरिष्ठ नागरिक ने अपने बेटे-बहू से विवाद के चलते मकान बेचने की इच्छा जताई, क्योंकि उन पर कर्ज है और परिवार में विवाद की स्थिति बनी हुई है। पुलिस पंचायत ने समझाइश देते हुए बताया कि मकान बेचने से परिवार के पास आश्रय नहीं रहेगा और स्थिति और गंभीर हो सकती है। दोनों पक्षों को आपसी समन्वय बनाकर कर्ज का समाधान करने की सलाह दी गई। आगामी तिथि पर कर्ज के हिसाब-किताब के साथ अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त अन्य प्रकरणों में भी सुनवाई की गई। कुछ मामलों में पक्षकारों की अनुपस्थिति के कारण आगामी तिथि निर्धारित की गई।
विदिशा पुलिस द्वारा संचालित पुलिस पंचायत, सामाजिक समरसता एवं पारिवारिक विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हो रही है।


















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