“ज्ञान की विरासत को सहेजने की पहल” — बिलाईगढ़ महाविद्यालय में ज्ञान भारतम् मिशन पर विशेष गोष्ठी आयोजित
बिलाईगढ़।
आयुक्त कार्यालय एवं कलेक्टर सारंगढ़ के निर्देशों के परिपालन में शासकीय शहीद वीर नारायण सिंह महाविद्यालय बिलाईगढ़ में 23 अप्रैल 2026 को ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत एक विशेष जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न हुआ—पहला सत्र कला संकाय के कक्ष क्रमांक 03 में दोपहर 01:00 से 02:00 बजे तक तथा दूसरा सत्र विज्ञान संकाय के कक्ष क्रमांक 21 में 03:00 से 04:00 बजे तक आयोजित किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. उमाकांत मिश्र ने कहा कि भारत की ज्ञान-परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है, लेकिन विभिन्न कारणों से गांवों और शहरों में विद्यमान कई प्रतिभाशाली रचनाकारों की महत्वपूर्ण पांडुलिपियां आज भी प्रकाशन से वंचित हैं। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा राष्ट्रीय पांडुलिपियों के संरक्षण और सर्वेक्षण का कार्य एक विशेष अभियान के रूप में संचालित किया जा रहा है, जिसमें युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने आसपास के गांवों एवं नगरों में जाकर प्राचीन पांडुलिपियों और ज्ञान-संपदा की जानकारी एकत्र करने में सक्रिय भूमिका निभाएं, ताकि देश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ज्ञान भारतम् मिशन के उद्देश्यों—पारंपरिक ज्ञान-संपदा का संरक्षण, दस्तावेजीकरण और नई पीढ़ी तक इसके प्रसार—के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। इस गोष्ठी ने विद्यार्थियों में सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापकगण—श्रीमती सुनीता विक्रम कोशले, श्री पंकज साहू, श्री तुलेश्वर ध्रुव, सुश्री अन्नू केवरा, डॉ. सुमनलता, श्री रंगनाथ यादव, श्री दीपक कुमार कुर्रे, श्री टीकाराम, श्री लेविश कुमार, श्री गौरव शुक्ला, श्रीमती दूजबाई भारद्वाज, सुश्री नैना निराला, श्री रेशम चौहान, श्री नरेंद्र राकेश तथा श्री धनंजय कर्ष सहित कला एवं विज्ञान संकाय के बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.