रामायण का मुख्य संदेश सत्य, धर्म और मर्यादा का पालन करना है । अशवंत तुषार साहू
महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जोबा मे तीन दिवसीय श्री राम कथा कार्यक्रम में शामिल हुआ ।
जिसमे अतिथी रहे राष्ट्रीय तेलीकर्मा सेना के संस्थापक व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशवंत तुषार साहू । आयोजन सामिति के तत्वाधान में फूल माला, चंदन,गुलाल लगाकर भव्य स्वागत किया
तुषार साहू ने श्री राम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए
तुषार साहू ने बताया कि
रामायण का मुख्य संदेश सत्य, धर्म और मर्यादा का पालन करना है। यह महाकाव्य सिखाता है कि बुराई (अहंकार) कितनी भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत अच्छाई की ही होती है। पारिवारिक रिश्ते, निष्ठा, त्याग और विपत्ति में धैर्य रखना जीवन के सबसे बड़े आदर्श हैं।
रामायण का मूल मंत्र 'सत्यमेव जयते' है। राम ने कठिन परिस्थितियों में भी धर्म (कर्तव्य) का मार्ग नहीं छोड़ा और रावण के अधर्म का अंत किया। भगवान राम 'मर्यादा पुरुषोत्तम' हैं, जो सिखाते हैं कि राजा, पुत्र, भाई और पति के रूप में मर्यादाओं का पालन करना ही आदर्श जीवन, राम ने पिता के वचन के लिए राजपाठ छोड़ दिया। लक्ष्मण और भरत का प्रेम निस्वार्थ है। यह रिश्तो में त्याग और विश्वास का महत्व सिखाता है। रावण का सर्वनाश उसके अहंकार के कारण हुआ। यह संदेश है कि ज्ञान होने के बावजूद, यदि मन में अहंकार है, तो विनाश निश्चित है, राम ने वानर सेना को साथ लेकर समुद्र पर सेतु बनाया। यह सिखाता है कि एकता और योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर असंभव कार्य भी संभव हो सकते हैं।आगे कहा अपने शत्रुओं के प्रति भी शिष्टता और दया का भाव रखना (जैसे विभीषण को शरण देना) रामायण की बड़ी सीख है।
रामायण हमें यह भी याद दिलाती है कि सुख और आनंद का मार्ग जीवन से ही निकलता है, न कि मृत्यु से।


















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