परमाणु ऊर्जा में बढ़ते कदम और बैम्बू मंत्र से ‘गज मित्र’ तक: ‘मन की बात’ में PM मोदी ने भारत की उपलब्धियों को सराहा,
कहा- वैश्विक तनाव के दौर में अहम बुद्ध के विचार, छत्तीसगढ़ में काले हिरण की वापसी पर हर्ष जताया।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
देश में पाँच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चुनावी माहौल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (26 अप्रैल 2026) को अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में देशवासियों से बात की।
पीएम मोदी ने देश की कई बड़ी उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने परमाणु ऊर्जा और पवन ऊर्जा मे भारत की कामयाबी पर खुशी जताई। नॉर्थईस्ट में बांस से हो रहे नए कामों की सराहना की। गणित ओलंपियाड में भारत की बेटियों के शानदार प्रदर्शन पर गर्व जताया।
साथ ही जनगणना 2027 में लोगों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, भारतीय उत्पादों की दुनिया में बढ़ती पहचान और गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को भी याद किया।
स्वदेशी तकनीक से परमाणु ऊर्जा में बढ़ते कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के परमाणु ऊर्जा के बढ़ते कदम की सराहना करते हुए बताया कि तमिलनाडु के कलपक्कम में फास्ट ब्रीडर रिएक्टर ने क्रिटिकैलिटी हासिल कर ली है। उन्होंने कहा कि भारत के परमाणु ऊर्जा की यात्रा में यह मील का पत्थर है। इससे भी बड़ी बात है कि परमाणु रिएक्टर पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित है।
इसके साथ पीएम मोदी ने पवन ऊर्जा में भारत की उपलब्धि भी साझा की। पीएम मोदी ने कहा, “अब भारत की पवन ऊर्जा जेनरेशन कैपेसिटी 56 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। पिछले एक साल में ही करीब 6 गीगावाट नई क्षमता जुड़ी है। आज भारत, पवन ऊर्जा कैपेसिटी में दुनिया में चौथे स्थान पर है।
दक्षिण अमेरिका के चिली में बुद्ध के विचारों का प्रसार
गौतम बुद्ध के विचारों पर पीएम मोदी ने कहा, “शांति हमारे भीतर से शुरू होती है, बुद्ध ने बताया है कि स्वयं पर विजय सबसे बड़ी विजय होती है। आज दुनिया जिस तरह के तनावों और संघर्षों से गुजर रही है। ऐसे समय में बुद्ध के विचार और भी अहम हो गए हैं।
पीएम मोदी ने बताया कि दक्षिण अमेरिका के चिली में एक संस्था भगवान बुद्ध के विचारों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा, “लद्दाख में जन्में ड्रबपोन रिनपोचे के मार्गदर्शन में काम हो रहा है। ये संस्था ध्यान और करुणा को लोगों के जीवन से जोड़ रही है। भारत की प्राचीन धारा दुनिया तक पहुँच रही है।
उत्तर प्रदेश में ‘गज मित्र’ अभियान की सफलता
उत्तर प्रदेश में ‘गज मित्र’ अभियान की सफलता को बताते हुए पीएम मोदी ने कहा, “यहाँ के तराई इलाकों में फसल के समय हाथियों के झुंड गाँव की ओर आते हैं। इससे टकराव आशंका बढ़ती है। लेकिन अब यूपी में भी ‘गज मित्र’ जैसे प्रयास शुरू हुए हैं।
उन्होंने बताया, “गाँव के लोग ही टीम बनाकर हाथियों पर नजर रखते हैं। वे समय रहते लोगों को सतर्क करते हैं। इससे टकराव कम हो रहा है और लोगों में भरोसा बढ़ रहा है।”
छत्तीसगढ़ में ब्लैकबक की वापसी
छत्तीसगढ़ में ब्लैकबक यानी काले हिरण की वापसी पर पीएम मोदी ने कहा, “एक समय इनकी संख्या बहुत कम हो गई थी, लेकिन लगातार प्रयास हुए और संरक्षण बढ़ाया गया। आज ये फिर से खुले मैदानों में दौड़ते नजर आते हैं। यह हमारी खोती विरासत की वापसी है।
नॉर्थईस्ट में बांस उद्योग की सफलता
पीएम मोदी ने कहा, “आज पूरे नॉर्थईस्ट में बांस उद्योग फल-फूल रहा है। लोग लगातार इनोवेशन करके इसमें वैल्यू एडिशन कर रहे हैं। त्रिपुरा के गोमती जिले के बिजॉय सूत्रधार और दक्षिण त्रिपुरा के प्रदीप चक्रवर्ती ने नए कानूनों को अपने लिए एक बड़े अवसर के रूप में देखा। इन्होंने टेक्नोलॉजी से जोड़ा। आज वे पहले से कहीं बेहतर और कहीं ज्यादा बांस के उत्पाद बना रहे हैं।
पीएम मोदी ने नागालैंड के सेल्फ हेल्प ग्रुप के बांस से जुड़ खाद्य उत्पाद में वैल्यू एडिशन, मिजोरम में बांस के टिश्यू कल्चर और पॉली-हाउस मैनेजमेंट और सिक्किम के गंगटोक में बांस के हस्तशिल्प, अगरबत्ती, फर्नीचर और इंटिरियर डेकोरेशन आइटम की सराहना की।
पीएम मोदी ने कहा, “2027 में जनगणना का अभियान, “यह दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना है। जनगणना 2027 को डिजिटल बनाया गया है। सारी जानकारी सीधे डिजिटल माध्यम में दर्ज हो रही है। घर-घर जाने वाले कर्मचारियों के पास मोबाइल ऐप है। इस बार जनगणना में आपकी भागीदारी भी आसान बनाई गई है, आप खुद भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। कर्मचारी के आने से 15 दिन पहले आपके लिए सुविधा शुरू होगी।
जनगणना में भागीदारी की अपील करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “देश की जनगणना सिर्फ सरकारी काम नहीं है। यह हम सब की जिम्मेदारी है। आपकी भागीदारी बहुत जरूरी है। आपकी दी गई जानकारी पूरी तरह सुरक्षित रहती है, यह गोपनीय रखी जाती है, डिजिटल सुरक्षा के साथ इसे सुरक्षित किया जाता है। आइए, हम सब मिलकर इस प्रक्रिया में भाग लें। जनगणना 2027 को सफल बनाएँ।



















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