मोहिनी एकादशी व्रत आज-भगवान विष्णु की आराधना करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
मोहिनी एकादशी का व्रत, 27 अप्रैल 2026 को है, स्कंद पुराण के वैष्णव खंड के अनुसार इसी दिन भगवान श्री हरि विष्णु ने समुद्र मंथन से निकले अमृत कलश को दानवों से बचाने के लिए मोहिनी रूप धारण किया था।
व्रत का महत्व: यह व्रत भगवान विष्णु की कृपा और पापों के क्षय का मार्ग है।
पौराणिक कथा: भगवान विष्णु ने देवताओं को अमृत पिलाने के लिए मोहिनी रूप धारण किया था।
अवसर: मानसिक तनाव और निर्णय भ्रम से मुक्ति पाने का यह उपयुक्त समय है।
इस व्रत का पालन सतयुग से होता आ रहा है और इसे करने से आध्यात्मिक लाभ मिलते हैं। इस अवसर पर भगवान विष्णु की आराधना करें और उनकी कृपा प्राप्त करें।
सतयुग में कौटिन्य मुनि ने इस व्रत के बारे में एक शिकारी को बताया था, फिर द्वापर युग में श्रीकृष्ण ने अर्जुन को इस व्रत के बारे में बताया। इसके बाद त्रेतायुग में महर्षि वशिष्ठ ने भगवान राम को इस व्रत का महत्व बताया।
एकादशी तिथि का प्रारंभ: 26 अप्रैल 2026 को शाम 06:06 बजे
एकादशी तिथि का समापन: 27 अप्रैल 2026 को शाम 06:15 बजे,
व्रत का पारण 28 अप्रैल 2026 को सुबह 05:43 बजे से 08:21 बजे तक रहेगा।


















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