Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Friday, May 8, 2026

आकाश डेहरिया ने साबित कर दिया कि मेहनत लगन और सपनों की उड़ान की कोई भी मुकाम दूर नहीं होता।

 आकाश डेहरिया ने साबित कर दिया कि मेहनत लगन और सपनों की उड़ान की कोई भी मुकाम दूर नहीं होता।     



                                सपनों का द्वार आज खुल गए यार कहते हैं की मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती आज यह साबित करके दिखाया है एक छोटे से कस्बे से निकलकर मेहनत मजदूरी कर और अपने सपनों को साकार किया धपारा धूमा लखनादौन सिवनी के आकाश डेहरिया ने भारत सरकार की सर्वोच्च संस्थान बी एच ई एल में ऑल इंडिया काउंसिल में तीसरी रैंक हासिल कर अपना स्थान बनाया कहते हैं की,,                          मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता शोर मचा दे ,,        




       ऐसा ही कुछ आकाश डेहरिया पिता लिखई माता सरोज   डेहरिया ने कर दिखाया है यदि उनकी पारिवारिक स्थिति को देखा जाए तो परिवार प्रारंभ से ही बहुत कमजोर स्थिति के साथ अपना जीवन यापन करता रहा मेहनत के सिवाय कुछ नहीं माता-पिता बहुत ही गरीब स्थिति से बच्चे को मजदूरी कर पढ़ाया और आखिर मेहनत रंग लाई इससे पूरे परिवार में खुशियों का माहौल बना हुआ है और बधाई देने वालों का टाटा आज घर पर लगा हुआ है।          अगर पढ़ाई की बात करें तो आकाश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा ग्राम  धपारा में ही पूरी किया और हाई स्कूल धूमा और कॉलेज  घंसौर और आईटीआई सभी संस्थान सरकारी ही रहे परंतु अपनी लगन और मेहनत से लगातार कंपटीशन एग्जाम की तैयारी घर पर ही रहकर खेती किसानी एवं गाय भैंसों को चराते हुए पूर्ण किया पारिवारिक स्थिति के बारे में यह कहना संकोच नहीं की ऐसी कौन सी स्थिति है जो अपनी आंखों से ना देखी हो पिता की मेहनत मां का प्यार काम और भाई अमित डेहरिया स्वयं प्राइवेट कंपनी में अभी 1 वर्ष से कार्य कर  घर चला रहा है पर आज सभी की आंखों में खुशियों के आंसू आ गए और सभी बधाई दे रहे और सभी को लग रहा कि अब हमारे भी सपने पूरे होंगे बधाई में पूरे परिवार के साथ-साथ  दीदी जीजा आभा झामसिंह डेहरिया ने भी खुशियों के पल साझा किया                   आकाश डेहरिया की बचपन की यादें अगर मम्मी पापा बताते हैं कि आकाश बचपन से ही बड़ा शरारती लड़का रहा है जो कि कभी गुस्सा तो कभी बहुत आनंद की अनुभूति कराता रहा जैसे कभी किसी के यहां से कोई भी सामान लाकर खेलना एक बार उन्होंने बताया कि जब वह अपने मामा सुरेश डेहरिया मकरझिर गया तो उसने सुबह-सुबह ही मामा के दरवाजे के सामने हनुमान जी की मूर्ति लाकर रख दिया और जब वहां सभी लोग सुबह जागे आंखें खुली तो सब प्रसन्न हो गए और हल्ला मच गया कि हमारे यहां स्वयं हनुमान जी प्रकट हो गए हैं बाद में माता-पिता को पता चला तो उन्होंने सबसे पहले आकाश को ही खोजना प्रारंभ किया और जब उससे पूछा तो उसने बताया कि यह जो मूर्ति है वह साइड वाले के घर के मंदिर से उठा लाया था क्योंकि माता-पिता को पता था की शरारती  काम आकाश छोटू ही कर सकता है इसी प्रकार एक घटना स्कूल जब वह छठवीं सातवीं पढ़ता था तब भी किया गया जब उसके दोस्तों में जब कभी कहा सुनी हो जाती तो उसने एक बार अपने ही दोस्त को किमाच लगा दिया और जब दोस्त ने उसके ही घर में बताऊंगा करके बोला तो उसे तालाब में ले जाकर कीचड़ एवं गोबर से नहलाया और जब घर आया तो उसे भी बहुत डांट पड़ी इस प्रकार से उसकी नटखट प्रतिक्रियाएं हमेशा चलती रही और आज भी वह बहुत शरारती किस्म का है जैसे उसकी एक छोटी बहन उसको राखी बांधने के लिए लाती है तो वह हमेशा बड़े भाई को पहले और छोटे भाई को बाद में बांधती  है तो वह कहता है कि तुम मुझसे भेद करती हो और इस प्रकार उसको डांटता है इस प्रकार अनेक घटनाएं हैं जो जीवन संबंधित हैं सभी कहते थे कि यह लड़का बड़ा होकर क्या बनेगा और हंसते थे लेकिन उसने कुछ ऐसा कर दिखाया जो सभी को खुशियों से भर दिया दीदी माया विभा आभा उसे प्यार से संगो कह कर बुलाया करती थी जिससे वह कभी चढ़ता तो कभी हंसना था इस प्रकार वह आज 22 वर्ष की उम्र में ही देश की सर्वोच्च सरकारी संस्थान बी एच ई एल में पूरे भारत में तीसरी रैंक में अपना पद सुनिश्चित किया आकाश ने बताया कि मेरी मेहनत के अलावा इस सफलता के पीछे मेरे प्राथमिक गुरु से लेकर मेरे प्रोफेसर एवं माता-पिता भाई-बहन एवं पूरे परिवार का आशीर्वाद रहा

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad