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Thursday, May 21, 2026

जिला प्रशासन द्वारा पशु, पक्षियों के साथ करूणा एवं संवेदना का भाव रखते हुए उनके संरक्षण एवं संवर्धन में सहयोग करने की अपील की गई मूक पशु-पक्षियों पर क्रूरता करने वालों के विरुद्ध की जाएगी कार्रवाई

 स्माचार

भारत साहू जिला बालोद छत्तीसगढ़ 

जिला प्रशासन द्वारा पशु, पक्षियों के साथ करूणा एवं संवेदना का भाव रखते हुए उनके संरक्षण एवं संवर्धन में सहयोग करने की अपील की गई 



मूक पशु-पक्षियों पर क्रूरता करने वालों के विरुद्ध की जाएगी कार्रवाई 

बालोद, 20 मई 2026

  बालोद जिला प्रशासन द्वारा मूक पशु-पक्षियों के साथ करूणा एवं संवेदना का भाव रखते हुए उनके संरक्षण एवं संवर्धन में सहयोग करने की अपील जारी की गई है। 




जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में अपील जारी करते हुए व्यापारियों एवं आम नागरिकों से दोपहिया वाहनों में मुर्गा-मुर्गियों को उल्टा लटका कर नही ले जाने तथा गाय, भैंस आदि पशुओं को चार पहिया वाहनों में ठूंस-ठूंस कर नही ले जाने के अलावा भूखे, प्यासे एवं बीमार पशुओं का भी परिवहन नही करने की अपील की गई है। पशुधन विभाग जिला बालोद के उप संचालक ने बताया कि किसी भी व्यापारियों एवं आम नागरिकों के द्वारा इस प्रकार के कृत्य किए जाने पर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के अंतर्गत कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इसके अंतर्गत मुर्गियों, पक्षियों को उल्टा लटकाने, पैर बांधकर बाइक पर ले जाने, उन्हें प्रताड़ित करने पर प्रथम अपराध पर आर्थिक जुर्माना तथा 03 साल के भीतर दोबारा अपराध करने पर 03 महीने तक की जेल, जुर्माना अथवा दोनों सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही वाहनों में क्षमता से अधिक पशु को ठूंस कर भरने या इनका अवैध परिवहन करने पर वाहन मालिक और चालक के खिलाफ मामला दर्ज करने के अलावा उक्त वाहन को जब्त करने का भी प्रावधान है। इसके अलावा अधिनियम के अंतर्गत कारावास एवं जुर्माने का भी प्रावधान है। इसी तरह पशुओं को भूखे, प्यासे एवं बीमार की स्थिति में रखने पर शासन द्वारा पशुओं को अपने कब्जे में लेने के साथ-साथ दोषी को जेल एवं आर्थिक दंड का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि भारतीय दण्ड संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत भी मूक पशुओं को अपंग करने पर भी भारी जुर्माना एवं 05 वर्ष का कारावास का भी प्रावधान है। 

इस संबंध में आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा गया है कि पशुओं को भी दर्द एवं पीड़ा का एहसास होता है। व्यवसायिक लाभ के लिए उनके साथ अमानवीय व्यवहार करना कानूनन जुर्म है। ऐसे मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई जुर्माना एवं जेल भी हो सकती है। जिला प्रशासन द्वारा मुर्गियों या अन्य पशुओं को परिवहन करते समय उन्हें उचित पिंजरों या हवादार वाहनों में ही ले जाने तथा किसी भी वाहनों में उनकी निर्धारित क्षमता के अनुसार ही रखने की अपील की गई है। इसके साथ ही आम नागरिकों से कहीं भी पशुओं के साथ क्रूरता होते दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी पशु चिकित्सालय या पुलिस थाने को सूचित करने की अपील की गई है। जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से मूक पशु, पक्षियों पर क्रूरता रोक कर एक जिम्मेदार नागरिक का परिचय देने की अपील भी की गई है।

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