प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान एवं कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य जांच शिविर का व्यापक आयोजन आज:-
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के माननीय कलेक्टर महोदया पद्मनी भोयी मेम के दिशानिर्देश में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में आज प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के अंतर्गत व्यापक स्वास्थ्य जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
यह समस्त गतिविधियाँ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में संचालित की जा रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC bilaigarh, barmkera ) तथा जिला चिकित्सालय सारंगढ में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती माताओं की विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जांच, आवश्यक लैब परीक्षण, उच्च जोखिम गर्भावस्था (High Risk Pregnancy) की पहचान तथा परामर्श प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी PMSMA शिविर आयोजित किया जा रहा है। वहीं PHC डोंगरिपाली एवं लेन्धरा क्षेत्रों से 102 महतारी एक्सप्रेस के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को CHC लाकर स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, क्योंकि उक्त क्षेत्रों में वर्तमान में MBBS चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं।
कार्यक्रम को व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने हेतु CHC में RBSK टीम, ANM, RHO खरवानी, हेल्प डेस्क तथा काउंसलर द्वारा मीटिंग हॉल में विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में साफ-सफाई एवं व्यवस्थाओं की विशेष निगरानी हेतु संबंधित कर्मचारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसी क्रम में जिले के विभिन्न PHC में कुपोषित बच्चों के लिए विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया है। वर्तमान में अत्यधिक गर्मी एवं धूप को देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि वे बच्चों को सुबह जल्दी स्वास्थ्य केंद्र तक लाएं, ताकि बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा समय पर जांच एवं उपचार उपलब्ध कराया जा सके। शिविर में बच्चों का वजन, ऊँचाई, पोषण स्तर, एनीमिया एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की जांच कर आवश्यक उपचार एवं पोषण संबंधी परामर्श प्रदान किया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र कुमार वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित प्रसव हेतु गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना है। साथ ही कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण हेतु बच्चों की समय पर पहचान एवं उपचार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनहित में पूरी संवेदनशीलता एवं समर्पण के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।



















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