महासमुंद, बसना
बसना मंडी में पसरा सन्नाटा, राइस मिलों के गेट पर ट्रैक्टरों की कतार महेन्द साव
बसना कृषि उपज मंडी में धान खरीदी का सीजन शुरू होते ही सन्नाटा छा गया है। अन्नदाता अपनी फसल लेकर मंडी से मुंह मोड़ रहा है। वजह है मंडी में मिल रहा बेहद कम दाम।
मंडी में घाटा, मिलों में भीड़
मंडी में धान की बोली मात्र 1400 से 1652 रुपये प्रति क्विंटल लग रही है।
इसी का फायदा उठाकर राइस मिलें 1600 से 1800 रुपये का रेट देकर किसानों से सीधी खरीदी कर रही हैं। नतीजा यह है कि शिव शक्ति राइस मिल, तारा प्रेम, साम्राट राइस मिल के बाहर ट्रैक्टरों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई हैं।
नमी के नाम पर खुली लूट
मिलों में ज्यादा रेट का झांसा देकर किसानों को बुलाया जा रहा है, लेकिन भुगतान के समय नमी के नाम पर प्रति बोरी 3 से 4 किलो वजन काट लिया जा रहा है। किसान न मंडी में ठीक दाम पा रहा है, न मिल में पूरा वजन।
दोहरा नुकसान
1. किसान ठगा जा रहा : सिंडिकेट बनाकर कुछ व्यापारी नमी का बहाना बनाकर किसानों की जेब काट रहे हैं।
2. मंडी को राजस्व का घाटा : सीधी खरीदी के कारण कृषि उपज मंडी के मंडी शुल्क में भारी नुकसान हो रहा है।
जांच की मांग उठी
इस पूरे खेल पर रोक लगाने के लिए मंडी सचिव से लिखित शिकायत की गई है। शिकायत में उक्त राइस मिलों के भुगतान पत्रक, सौदा पत्रक की जांच और मौके पर भौतिक सत्यापन की मांग की गई है।
_समर्थन मूल्य से कम बोली और मिलों की मनमानी के बीच किसान की हालत दयनीय होती जा रही है। अब देखना है प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।_






















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