सरकार की योजना बनी सहारा: दिव्यांग रजनी और दुर्गेश के जीवन में आई खुशियों की नई शुरुआत
सुशासन तिहार के तहत योजनाओं का लाभ तेजी से हितग्राहियों तक पहुँच रहा है
दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना से मिला सहयोग
आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ रहा दंपति का जीवन
कवर्धा 14 मई 2026। जीवन में कई बार परिस्थितियाँ कठिन जरूर होती हैं, लेकिन जब हौसला मजबूत हो और शासन की योजनाओं का साथ मिल जाए, तो नई उम्मीदों की राह खुल जाती है। कवर्धा विकासखंड के ग्राम सूखाताल की रहने वाली दिव्यांग महिला श्रीमती रजनी यादव के जीवन में भी ऐसा ही सकारात्मक बदलाव आया है। शासन की दिव्यांगजन विवाह प्रोत्साहन योजना के तहत उन्हें और उनके पति दुर्गेश कुमार यादव को एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली, जिससे उनके वैवाहिक जीवन की शुरुआत को मजबूती मिली। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुशासन तिहार के अंतर्गत यह लाभ उन्हें त्वरित रूप से उपलब्ध कराया गया, जिससे योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की झलक देखने को मिलती है।
श्रीमती रजनी यादव का विवाह 25 मार्च 2025 को श्री दुर्गेश कुमार यादव के साथ हुआ। साधारण परिवार से आने वाले यह दंपती मजदूरी कर अपने जीवन-यापन की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सीमित आय और आर्थिक चुनौतियों के बीच जीवन की राह आसान नहीं थी, लेकिन शासन की संवेदनशील पहल ने उनके जीवन को सहारा दिया। दिव्यांग जन प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत रजनी यादव और उनके पति को 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस सहयोग से न केवल उनके विवाह और गृहस्थ जीवन को मजबूती मिली, बल्कि भविष्य के लिए नई उम्मीद भी जागी है।
रजनी यादव बताती हैं कि आर्थिक सहायता मिलने से उन्हें अपने जीवन की शुरुआत करने में काफी मदद मिली। अब वे अपने पति के साथ मेहनत कर बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रयासरत हैं। रजनी यादव की कहानी बताती है कि यदि महिलाओं को अवसर और सहयोग मिले, तो वे हर कठिन परिस्थिति का सामना कर आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ सकती हैं। शासन की योजनाएं न केवल आर्थिक मदद देती हैं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों में आत्मविश्वास भी भरती हैं। आज रजनी यादव अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त करती हैं और कहती हैं कि यह सहयोग उनके लिए नई शुरुआत का आधार बना है।
निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना
निःशक्तजनों को सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से शासन द्वारा निःशक्तजन विवाह प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत छत्तीसगढ़ के ऐसे निःशक्त युवक-युवतियों को आर्थिक सहायता दी जाती है जिनकी निःशक्तता 40 प्रतिशत या उससे अधिक है। विवाह के समय युवक की आयु 21 से 45 वर्ष तथा युवती की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। योजना के अंतर्गत दंपति में से किसी एक के निःशक्त होने पर 50 हजार रुपये तथा दोनों के निःशक्त होने पर 1 लाख रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र आवेदक को निर्धारित प्रपत्र में आवेदन जिला के संयुक्त संचालक अथवा उप संचालक, पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में जमा करना होता है।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट


















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