नवाखाई पर्व 15 सितंबर को, 18 सितंबर को छुट्टी देना उचित नहीं : मोक्ष कुमार प्रधान
तीजा और नवाखाई दोनों पर्वों का सम्मान करते हुए 15 सितंबर को शासकीय अवकाश घोषित करने की मांग
महासमुंद/बसना। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक परंपरा, संस्कृति और कृषि जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण नवाखाई पर्व को लेकर बसना विधानसभा के सक्रिय कांग्रेस नेता एवं जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने शासन से शासकीय अवकाश की तिथि में आवश्यक संशोधन करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि नवाखाई पर्व क्षेत्र की सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण त्योहार है, ऐसे में पर्व की वास्तविक तिथि पर ही शासकीय अवकाश दिया जाना उचित होगा।
जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी के अगले दिन पंचमी तिथि को नवाखाई पर्व मनाया जाएगा, जिसकी तिथि 15 सितंबर पड़ रही है। वहीं शासन द्वारा नवाखाई के लिए 18 सितंबर को अवकाश घोषित किया गया है, जो पर्व की वास्तविक तिथि से अलग है। उन्होंने कहा कि जब लोग अपनी परंपरा और रीति-रिवाज के अनुसार 15 सितंबर को नवाखाई मनाएंगे, तब 18 सितंबर को अवकाश देने का औचित्य समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष लंबे समय बाद ऐसा संयोग बना है कि गणेश चतुर्थी के दिन तीजा तिहार का पर्व पड़ रहा है। तीजा तिहार छत्तीसगढ़ की मातृशक्ति के लिए विशेष आस्था और भावनाओं का पर्व है। महिलाएं तीजा का उपवास रखकर अपने परिवार की सुख-समृद्धि एवं पति की दीर्घायु की कामना करती हैं। 14 सितंबर को तीजा का उपवास रखा जाएगा और 15 सितंबर को महिलाएं फलाहार कर अपना उपवास पूर्ण करेंगी। इसी दिन नवाखाई पर्व भी मनाया जाना है।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि एक ही समय में दो महत्वपूर्ण लोकपर्वों का संयोग बनना अपने आप में विशेष है। ऐसे में शासन को चाहिए कि दोनों पर्वों की भावनाओं और परंपराओं को ध्यान में रखते हुए अवकाश की तिथि पर पुनर्विचार करे, ताकि आम लोगों, किसानों, महिलाओं और ग्रामीण अंचल के लोगों को अपने पारंपरिक पर्व मनाने के लिए पर्याप्त सुविधा मिल सके।
उन्होंने कहा कि 15 सितंबर को नवाखाई पर्व का अवकाश घोषित करने से तीजा और नवाखाई दोनों पर्वों का सम्मान होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में नवाखाई केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक मेल-मिलाप, नई फसल, अन्न और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने की परंपरा भी है। परिवार और समाज के लोग एक साथ मिलकर इस पर्व को उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाते हैं। इसलिए पर्व के वास्तविक दिन अवकाश होना आवश्यक है।
उन्होंने शासन से मांग करते हुए कहा कि 18 सितंबर के स्थान पर 15 सितंबर को नवाखाई पर्व का शासकीय अवकाश घोषित किया जाए। इससे तीजा तिहार मनाने वाली माताओं-बहनों तथा नवाखाई पर्व मनाने वाले सभी परिवारों को समान रूप से अवकाश का लाभ मिल सकेगा और लोग अपने-अपने पारंपरिक पर्व को बिना किसी परेशानी के उत्साहपूर्वक मना सकेंगे।
मोक्ष कुमार प्रधान ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी लोक संस्कृति, परंपराओं और तीज-त्योहारों से है। शासन का दायित्व है कि प्रदेश की पारंपरिक संस्कृति और जनभावनाओं का सम्मान करते हुए पर्वों की वास्तविक तिथियों के अनुरूप निर्णय लिया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई कि शासन इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही अवकाश की तिथि में संशोधन करेगा।
उन्होंने कहा कि “जब नवाखाई पर्व 15 सितंबर को मनाया जा रहा है, तो अवकाश भी उसी दिन होना चाहिए। 18 सितंबर को अवकाश देने से पर्व के दिन कामकाजी लोगों और ग्रामीण परिवारों को अपने पारंपरिक आयोजन में शामिल होने में कठिनाई हो सकती है। इस वर्ष तीजा और नवाखाई दोनों पर्वों का विशेष संयोग है, इसलिए शासन को जनभावना का सम्मान करते हुए 15 सितंबर को अवकाश घोषित करना चाहिए।”
जिला पंचायत सदस्य मोक्ष कुमार प्रधान ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि इस मांग पर शीघ्र निर्णय लेकर 15 सितंबर को नवाखाई पर्व का शासकीय अवकाश घोषित किया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, संस्कृति और जनभावनाओं का सम्मान हो तथा प्रदेशवासियों को अपने महत्वपूर्ण पर्वों को परिवार एवं समाज के साथ मिलकर मनाने का अवसर मिल सके।


















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