शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन हेतु भारतीय प्रधानमंत्री मोदी पहुंचे किर्गिस्तान
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
बिश्केक (किर्गिस्तान) - भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने चार दिवसीय मध्य एशिया दौरे के दूसरे चरण में उज्बेकिस्तान की यात्रा पूरी करने के बाद किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक पहुंच चुके हैं। उनके दो दिवसीय किर्गिज रिपब्लिक की राजधानी बिश्केक की यात्रा पर पहुंचने के बाद उनका ग्रैंड वेलकम किया गया। किर्गिस्तान के मंत्रिमंडल के अध्यक्ष आदिलबेक कासिमालियेव और राष्ट्रपति प्रशासन के प्रमुख ने एयरपोर्ट पर पहुंचकर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से किया। इस दौरान एयरपोर्ट पर किर्गिस्तान की महिला नर्तकियों की तरफ से पीएम मोदी के स्वागत में पारंपरिक नृत्य पेश किया गया , जिसके बाद पीएम मोदी ने किर्गिज मंत्रिमंडल के अध्यक्ष कासिमालियेव के प्रति आभार जताया। बिश्केक के एक होटल में प्रवास के दौरान पीएम मोदी ने प्रवासी भारतीयों द्वारा आयोजित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों और प्रस्तुतियों को देखा और कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। इसके बाद पीएम मोदी ने महात्मा गांधी मेमोरियल पार्क पहुंचकर महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस प्रतिमा का अनावरण पीएम मोदी ने वर्ष 2015 में किर्गिस्तान यात्रा के दौरान किया था। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान के बिश्केक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान से मुलाकात की , पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद दोनों नेताओं की यह पहली मुलाकात है। दोनों नेताओं ने बिश्केक में द्विपक्षीय बैठक की। वहीं आर्मेनियाई प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान और भारतीय पीएम मोदी के बीच भी बैठक हुई , इस दौरान पाशिन्यान ने मोदी को आर्मेनिया आने का न्योता दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आज छठवें विश्व नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल हुये , इसका उद्देश्य मध्य एशिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना है। यह आयोजन मध्य एशिया की समृद्ध और जीवंत सांस्कृतिक विरासत का जश्न मनाता है। गौरतलब है कि भारतीय प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों राष्ट्रपति सादिर झापारोव के निमंत्रण पर किर्गिस्तान के दौरे पर हैं। वे बिश्केक में 31 अगस्त से 01 सितंबर तक होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। वे शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे , जिसमें कई अहम फैसले हो सकते हैं। बताते चलें कि भारत वर्ष 2017 से एससीओ का पूर्ण सदस्य है। समिट में सुरक्षा , आतंकवाद , व्यापार , कनेक्टिविटी और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
एक नजर एससीओ पर -
शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) एक क्षेत्रीय अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसकी स्थापना वर्ष 2001 में चीन , रूस , कजाकिस्तान , किर्गीजस्तान , ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने मिलकर की थी। बाद में भारत और पाकिस्तान वर्ष 2017 में इससे जुड़े , इसके बाद वर्ष 2023 में ईरान भी इसका सदस्य बना। शंघाई सहयोग संगठन का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सुरक्षा , आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ाना है। संगठन आतंकवाद , उग्रवाद , ड्रग तस्करी और साइबर अपराध जैसे मुद्दों पर साझा रणनीति बनाता है।
कल होगा मुख्य शिखर सम्मेलन -
कल 01 सितम्बर मंगलवार को 26वें शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के नेता क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस दौरान सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श होगा। शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई और द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। बिश्केक में चल रहे इस कूटनीतिक दौर में भारत मध्य एशिया और पश्चिम एशिया दोनों क्षेत्रों से अपने संबंधों को मजबूत करने की दिशा में सक्रिय दिख रहा है।


















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