जिले के जायसवाल ने वर्मीकंपोस्ट, हवन के कंडे, सब्जी एवं धान की आॅनलाईन मार्केटिंग की प्रस्तुति दी
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली एवं कृषि तकनीकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जबलपुर के संयुक्त तत्वधान में आज मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के डायरेक्टर जनरल डाॅ. त्रिलोचन महापात्रा की उपस्थिति में तीन दिवसीय जोनल कार्यशाला का आॅनलाईन शुभारंभ हुआ। कार्यशाला में मध्यप्रदेश एवं छत्तीसग़ढ़ के समस्त कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों, प्रमुखों और कृषि वैज्ञानिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के प्रथम् दिवस मध्यप्रदेश एवं छत्तीसग़ढ़ के चयनित दस प्रगतिशील कृषकों को अपने कार्यों की प्रस्तुति का अवसर दिया गया। जांजगीर-चाम्पा जिले के चयनित कृषक राकेश जायसवाल और कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख डाॅ.आर.एन.शर्मा ने वर्मी कम्पोस्ट, हवन के कंडे, सब्जियों एवं धान की आॅनलाईन मार्केटिंग के बारे में बताया। उनकी इस उपलब्धि के लिए विभिन्न अवसरो पर प्राप्त सम्मान एवं प्रमाण पत्रों की जानकरी दी।
कार्यशाला में भारतीय कृषि अनुसंधान परिसद डी.डी.जी. डाॅ ए के सिह, कुलपति इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर डाॅ.एस.के.पाटिल, कुलपति जवाहर लाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय जबलपुर डाॅ.पी.के.बिसेन,, कुलपति राज माता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर डाॅ.आर.के.राव एवं तीनों विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार सेवाए भी आॅनलाइन कार्यशाला में शामिल हुए। कृषि विज्ञान केन्द्र जांजगीर से प्रस्तुतीकरण के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र के प्रमुख डाॅ.आर.एन.शर्मा, वैज्ञानिक डाॅ. राजीव दीक्षित, शशिकांत सूर्यवंशी, रंजीत मोदी, इंजी. आशुलता नेताम एवं समस्त स्टाफ उपस्थित थे।
नरेंद्र कुमार के साथ लक्ष्मी महंत की रिपोर्ट जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़


















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