घरघोड़ा (राजा शर्मा रिपोर्टर) : साउथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस इंटक केन्द्रीय उपाध्यक्ष व क्षेत्रीय महासचिव गनपत चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कॉमर्शियल माइनिंग नीति की सराहना करते हुए हसदेव अरण्य क्षेत्र में केन्द्रीय सरकार द्वारा चिन्हित पॉच कोल ब्लॉको को गत शुक्रवार को केन्द्रीय कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ हुए वार्ता के द्वारा छ.ग. सरकार की सुझाव को दृष्टिगत रखते हुए अरण्य क्षेत्रों के पॉच ब्लॉको को लिस्टिंग से निरस्त करवाना खासकर एसईसीएल कोयला कम्पनी के क्षुब्ध आंदोलित कोयला श्रमिकों के लिए एक बहुत बडी़ राहत की खबर है |
वरिष्ठ इंटक मजदूर नेता गनपत चौहान ने छ.ग. के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की कॉमर्शियल माइनिंग नीति पर छ.ग. सरकार की दूरदर्शिता की तारिफ करते हुए आभार जताया है | उन्होनें बतलाया कि केन्द्र में बैठी मोदी सरकार कॉमर्शियल माइनिंग लागू करने के पूर्व ही विभिन्न प्रदेशों के मुख्यमंत्रीयों को विश्वास में लेकर नीति लागू करवाने का प्रयास करती तब संभवतः तीन दिनों की हड़ताल कोयला उद्योग में नहीं होती और करोड़ों अरबों रूपयों की राशि का नुकसान सरकार को नहीं उठानी पड़ती |
शुक्रवार को राजधानी रायपुर में केन्द्रीय कोयला मंत्री के साथ हुए एक सुझाव को मानते हुए, छ.ग. के चिन्हित नौ कोल ब्लॉको में पॉच को निरस्त करवाने में छ.ग. सरकार कामयाब हुई है | यह जीत ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा एसईसीएल कम्पनी की पहली जीत मानी जा सकती है !
अरण्य क्षेत्र के चिन्हित पॉच कोल ब्लॉक :–
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विदित हो कि छ.ग. राज्य सरकार की कॉमर्शियल माइनिंग नीति पर आपत्ति के बाद हसदेव अरण्य क्षेत्र के मोरगा, मोरगा टू, मदनपुर, सियाग व फतेपुर कुल पॉच कोल ब्लॉको को लिस्टिंग से हटा दिया गया है, विकल्प के रूप में राज्य सरकार ने तीन अन्य नई कोल ब्लॉको का विकल्प केन्द्र सरकार के समक्ष रखा है,जिस पर केन्द्रीय सरकार पर्यावरणीय तथा अन्य बातों का अध्ययन कर बाद में फैसला लेगी !


















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