छत्तीसगढ़ को वाटर स्पोर्ट्स टूरिज्म के रूप में भी पहचान दिलाने हसदेव बांगो डैम सतरेंगा का विकास कार्य पूर्ण हो गया है। वाटर टूरिज्म एवं एडवेंचर टूरिज्म की पर्याप्त संभावनाओं को देखते हुए मुरूमसिल्ली एवं गंगरेल डैम धमतरी, हसदेव बांगो डैम कोरबा, संजय गांधी जलाशय (खुटाघाट) रतनपुर, सरोधा डैम कबीरधाम, समोधा बैराज एवं कोडार डैम रायपुर, मलानिया जलाशय गौरेला और दुधावा जलाशय कांकेर का चयन किया गया है। ऐतिहासिक पर्यटन स्थल सिरपुर को विकसित करने के लिए सिरपुर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही पर्यटन की दृष्टि से सिरपुर की साइट को और अधिक विकसित किया जा रहा है। पब्लिक प्रायवेट पार्टनरशिप (पी.पी.पी.) के माध्यम से रायपुर स्थित होटल जोहार छत्तीसगढ़ परिसर को उच्च स्तरीय पर्यटन एवं व्यवसायिक परिसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। माना-तूता में लगभग 80 एकड़ भूमि पर थीम-एम्यूजमेंट पार्क विकसित करने और मैनपाट रिसॉर्ट एवं पंड्रापाट रिसॉर्ट को वेलनेस सेंटर-नेचर केयर सेंटर के रूप में विकसित करने का कार्य प्रारंभ हो गया है।
छत्तीसगढ़ में लोकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए ट्राईबल टूरिज्म सर्किट के तहत जशपुर एवं कमलेश्वरपुर (मैनपाट) सरगुजा और कुरदर, सरोधादादर, कोण्डागांव, जशपुर एवं कुनकुरी के विभिन्न मोटल-रिसॉर्ट का शीघ्र ही लोकार्पण किया जाना है। दामाखेड़ा में पर्यटकों की सुविधा के लिए कबीर सागर में विभिन्न विकास परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। सूरजपुर की पहाड़ी में स्थित बागेश्वरी देवी मंदिर और कुदरगढ़ के पर्यटकों की सुविधा के लिए रोप वे निर्माण की तैयारी चल रही है। पर्यटन विभाग की पहल पर मां बम्लेश्वरी मंदिर डोंगरगढ़ को भारत सरकार की प्रसाद योजना के तहत सैद्धांतिक अनुमोदन मिल गयी है। स्वदेश दर्शन योजना के तहत ईको टूरिज्म सर्किट के विकास के लिए कॉन्सेप्ट प्लान अनुमोदन के लिए भारत सरकार को भेजा गया है।



















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