अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
दार्जिलिंग -- विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजन की परम्परा के अनुरूप दार्जिलिंग और सिक्किम के दौरे पर पहुँचे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग के सुकना युद्ध स्मारक पहुँचकर श्रदाँजलि अर्पित की और वीर जवानों को याद किया। इसके बाद उन्होंने मंत्रोच्चार के बीच शस्त्र पूजा की। इस दौरान थल सेनाध्यक्ष एम०एम० नरवणे भी उपस्थित थे। इस अवसर पर रक्षामंत्री ने कहा कि भारतीय सेना के जवानों से भेंट करके उन्हें हमेशा बेहद ख़ुशी होती है , उनका मनोबल बहुत ऊंँचा रहा है, इसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए कम है। इस समय भारत और चीन पर तनाव चल रहा है। भारत चाहता है कि तनाव समाप्त हो, शांति स्थापित हो, हमारा उद्देश्य यही है. लेकिन कभी कभी कुछ नापाक हरकतें होती रहती है, लेकिन मैं पूरी तरह से आश्वस्त हूंँ और मुझे पूरा भरोसा है कि हमारे सेना के जवान किसी भी सूरत में भारत की एक इंच जमीन किसी दूसरे के हाथों में नहीं जाने देंगे। गलवान में चीन के विश्वासघात का जिक्र करते हुये रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि हाल-फिलहाल में भारत चीन के बॉर्डर पर जो हुआ है उसके बारे में निश्चित जानकारी के आधार पर मैं कह सकता हूंँ कि हमारे देश के जवानों ने जिस प्रकार की भूमिका का निर्वाह किया है , आगे जब इतिहास लिखा जायेगा तो उनके शौर्य और बहादुरी की चर्चा स्वर्णाक्षरों में की जायेगी। इस दौरान उन्होंने सिक्किम में बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन द्वारा निर्मित सड़क का ई - उद्घाटन करते हुये कहा कि आज नेशनल हाईवे-310 के आंशिक वैकल्पिक मार्ग को सिक्किम की जनता को समर्पित करते हुए मुझे बड़ी खुशी हो रही है।


















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