*छत्तीसगढ़*
*बिना रॉयल्टी व अधूरे कागजात के वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा में दौड़ रही गाड़ियां
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*लम्बे समय से हो रही शिकायतों के बाद भी नही होती थी कार्यवाही*
*आज साल्हेवारा पुलिस ने की कार्यवाही*
*रोज लगा रहे शासन को लाखों का नुकसान*
साल्हेवारा:--वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा में ढेरों विकास कार्य चल रहे है जिसमे लगने वाली रेती,गिट्टी,पत्थर बड़ी बड़ी हाइवा में भरकर ओवरलोड होकर आती रही है जिस पर इस क्षेत्र के लोग समय समय पर शिकायते करते रहे है लेकिन इन गाड़ी मालिको के तार ऊंची पहुंच से जुड़े होने के चलते कार्यवाही करने के अधिकार व शक्तियां प्राप्त अधिकारी व कर्मचारी हाँथ डालने से बचते रहे है इसी तारतम्य में आज एक 12 चक्का हाइवा को साल्हेवारा पुलिस ने थाना के सामने रुकने पर पूछताछ की दस्तावेज दिखाने को कहा जिस पर हाइवा चालक बगले झांकने लगा व किसी प्रकार के दस्तावेज व रॉयल्टी के बारे में संतोषजनक जवाब नही दे पाया हाइवा चालक
हेमचन्द साहू गाड़ी क्रमाक CG 07 BN 1388 को पुलिस ने जप्त कर थाना परिसर में खड़े करने कहा है।सूत्रानुसार हाइवा 12 चक्का किसी बाफना व्यापारी की है।
वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा में रोज ही बिना रायल्टी के दर्जनों गाड़ियां दौड़ रही है इन सबकी शिकायत खनिज विभाग को भी कई बार क्षेत्र की जागरूक जनता कर चुकी है फिर भी इस क्षेत्र में न तो खनिज विभाग कभी कार्यवाही करने आया न ही आरटीओ बैरियर मानपुर व फारेस्ट बैरियर मानपुर व रेंगाखार जहाँ पर दस्तावेजो की पूछताछ व निरीक्षण पश्चात ही गाड़ियां आगे निकलती है कि भूमिका भी संदेहास्पद लगती है कि तीन जगहों के क्षेत्ररक्षण के बाद भी गाड़ियां आगे कैसे निकल जाती है
*नाको में चंदा देकर निकलती है गाडियां*
ड्राइवर ने बताया कि फारेस्ट बैरियर में दस्तावेज की कमी होने पर 100,50 रुपये देने पर गाड़ी छोड़ दी जाती है ये आज से नहीं बल्कि लंबे समय से चली आ रही है।
वर्षो से फारेस्ट बैरियरों में ये व्यवस्था लागू है इसलिए हम लोग बिना किसी डर भय के इस क्षेत्र में चल रहे हैं।।
वनांचल क्षेत्र होने व बैगा आदिवासी क्षेत्र व क्षेत्र की जनता के कम पढ़े लिखे होने से बिल्डिंग मटेरियल सप्लायर जो जगह जगह रेत गिट्टी डम्प कर बिना लाइसेंस के कारोबार कर रहे है इस तरह की जरूरत के मटेरियल भी महंगे दामो में बेचा जाता है ये रेती भी किसी मटेरियल का व्यापार करने वाले व्यापारी के बुलावे में ही आयी थी जो कि रेत को डम्प कर ऊंचे दामो में बेचता।
उल्लेखनीय है कि वनांचल क्षेत्र साल्हेवारा घाट ऊपर टोटल 22 ग्राम पंचायते है सभी ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास जिन हितग्राहियों के आये है उन्हें आवास निर्माण हेतु रेती गिट्टी की जरूरत पड़ती है जो इन्ही व्यापारियों से महंगे दामो में ख़रीदने हेतु बाध्य होना पड़ता है।
सी एन आई न्यूज के लिये साल्हेवारा से दिलीप शुक्ला की रिपोर्ट ।




















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