अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली --तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार 44वें दिन दिल्ली की सीमाओं पर जारी के बीच केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच आठवें दौर की बैठक विज्ञान भवन में हुई। यह बैठक भी बेनतीजा रही , अब अगली बैठक 15 जनवरी को होगी।
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में एक बार फिर सरकार ने किसान नेताओं के सामने कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया। सरकार की ओर से कहा गया कि कानून वापस नहीं ले सकते क्योंकि काफी किसान इसके पक्ष में हैं जबकि किसान नेता कानून रद्द करने की मांग दुहराते रहे। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, वाणिज्य एवं खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री और पंजाब से सांसद सोम प्रकाश करीब 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ विज्ञान भवन में वार्ता की। सरकार ‘‘समस्या’’ वाले प्रावधानों या गतिरोध दूर करने के लिए अन्य विकल्पों पर ही बात करने पर जोर दिया। दूसरी तरफ प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों का कहना है कि इन कानूनों से एमएसपी का सुरक्षा कवच खत्म हो जायेगा और मंडियांँ भी खत्म हो जायेगी और खेती बड़े कारपोरेट समूहों के हाथ में चली जायेगी। विभिन्न विपक्षी दलों और अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों ने भी किसानों का समर्थन किया है।


















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