अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली -- इस साल भारत की 72 वीं गणतंत्र दिवस पर राजपथ परेड में नये राफेल फाइटर जेट पहली बार हिस्सा लेने जा रहा है। यह परेड में शामिल होकर करतब दिखाते हुये परेड की शान बढ़ायेगा , इसकी उड़ान से पूरी दुनियां को वायुसेना की ताकत देखने को मिलेगी। वायुसेना की झांकी में राफेल लड़ाकू विमान से लेकर अमेरिकी एयरक्राफ्ट चिनूक और तेजस , डीआरडीओ की ओर से निर्मित स्वदेशी मिसाइल अस्त्र , हमलावर अपाचे , सुखोई-30 , ब्रह्मोस भी शामिल होगा। परेड में वायुसेना की मार्चिंग टुकड़ी में चार अधिकारी और 96 सैनिक शामिल होंगे। इस मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व तनिक शर्मा करेंगे। इस परेड में राफेल लड़ाकू विमान 'वर्टिकल चार्ली' बनाकर फ्लाईपास्ट के जरिये परेड का समापन करेगा।'वर्टिकल चार्ली' के गठन में विमान कम ऊंचाई पर उड़ान भरता है, और ऊपर की तरफ जाकर कलाबाजी करते हुये ऊपरी अक्षांशों को छू लेता हैं। इस गणतंत्र दिवस में राफेल के अलावा भारतीय वायुसेना की पहली महिला फाइटर बिहार दरभंगा के पायलट फ्लाइट लेफ्टिनेंट भावना कांत भी इस परेड में शामिल होंगी। वर्ष 2018 में एयरफोर्स की पहली महिला फाइटर पायलट्स के पद पर शामिल हुईं भावना कांत ने 2019 में ही पहले चरण की ट्रेनिंग पूरी कर ली थी। भावना कांत भारतीय वायु सेना की उस झांकी का हिस्सा होगी जिसमें लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट, सुखोई -30 फाइटर प्लेन और हल्के कॉम्बैट हेलिकॉप्टर का मॉक-अप दिखाया जायेगा। इस गणतंत्र दिवस को फ्लाईपास्ट में वायुसेना के कुल 38 विमान और भारतीय थल सेना के 04 विमान शामिल होंगे। फ्लाईपास्ट पारंपरिक तौर पर दो खंडों में विभाजित होगा - पहला खंड परेड के साथ पूर्वाह्न 10:04 बजे से लेकर पूर्वाह्न 10:20 बजे तक और दूसरा खंड परेड के बाद पूर्वाह्न 11:20 बजे से पूर्वाह्न 11:45 बजे तक होगा। पहले खंड में तीन फॉर्मेशन होंगे , पहला 'निशान' फॉर्मेशन होगा जिसमें चार एमआई शामिल होंगे, जो राष्ट्रीय ध्वज और सेना के तीनों अंगों के झंडे लिये हुये होंगे। इसके बाद आर्मी एविएशन कोर के चार हेलीकॉप्टर 'ध्रुव' फार्मेशन बनायेंगे। अंतिम फार्मेशन 'रुद्र' होगा जो 1971 की लड़ाई में देश की जीत की पचासवीं वर्षगांठ मनायेगा। फ्लाईपास्ट के दूसरे खंड में नौ फार्मेशन होंगे , इन नौ फार्मेशनों में 'सुदर्शन', 'रक्षक', 'भीम', 'नेत्र', 'गरुड़', 'एकलव्य', 'त्रिनेत्र', 'विजय' और 'ब्रह्मास्त्र' शामिल होंगे। फ्लाईपास्ट के दूसरे खंड में एक राफेल विमान दो जगुआर और मिग -29 विमानों के साथ 'एकलव्य' फार्मेशन बनायेगा।इसके अलावा हल्का लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस और स्वदेशी तौर पर विकसित एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल ध्रुवस्त्र के मॉडल भारतीय वायुसेना के गणतंत्र दिवस परेड झांकी में शामिल होंगे। ये (झांकी) हल्के लड़ाकू विमान तेजस, हल्के लड़ाकू हेलीकाप्टर (एलसीएच), सुखोई -30 एमकेआई और रोहिणी राडार के मॉडल को प्रदर्शित करेंगे।वहीं गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लद्दाख की झांकी दिखाई देगी। इस झांकी लद्दाख के उत्सव सांप्रदायिक सद्भाव शिल्प कला संस्कृति के अलावा मठ और स्तूप से देश-दुनिया को वाकिफ करवाया जायेगा। इसके साथ ही उत्तरप्रदेश से राममंदिर से जुड़ी झांकी का प्रदर्शन भी होगा और बारह लोक कलाकारों के समूह द्वारा राजपथ पर छत्तीसगढ़ी पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज गूंजेगी। बारह कलाकार बारह यंत्रों पर अपनी प्रस्तुति देंगे।
बांग्लादेश सशस्त्र बल पहली बार होगा शामिल
बांग्लादेश सशस्त्र बल, जो 50 साल पहले अपने भारतीय समकक्षों के साथ लड़े थे , इस गणतंत्र दिवस परेड में भी भाग लेंगे। यह भारत के इतिहास में तीसरी बार है कि किसी भी विदेशी सैन्य दल को गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने के लिये आमंत्रित किया गया है। इससे पहले फ्रांस और यूएई के प्रतियोगी भाग ले चुके हैं।
पहली बार विदेशी मेहमान की कमी
पिछले 55 वर्षों में पहली बार भारत के गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के रूप में विदेशी मेहमान शामिल नही होंगे। ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पहले परेड के निमंत्रण को स्वीकार कर लिया था, लेकिन कोरोना की वजह से इसे बाद में रद्द करना पड़ा। इस साल गणतंत्र दिवस परेड की दूरी भी काफी कम कर दी गई है। गणतंत्र दिवस परेड कथित तौर पर विजय चौक से शुरू होकर राष्ट्रीय स्टेडियम में समाप्त होगी। कोरोना वायरस महामारी की वजह से इस बार यह 8.2 किलोमीटर के बजाय सिर्फ 3.3 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। पंद्रह वर्ष से कम उम्र के बच्चों की दर्शकों के रूप में एंट्री नहीं होगी वहीं इस बार सुरक्षा अधिकारी केवल 25,000 दर्शकों को ही अनुमति दी गई है।


















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