सतीश मिश्रा रिपोर्टर
कोरिया जिले के विकासखंड भरतपुर में इलाके के कई हिस्सों में 5 वर्ष में करोड़ों रुपए खर्च स्टाप डेम तैयार किए गए। लेकिन इन स्टाप डेम में न तो पानी है और न ही वे सही स्थिति में है। अधिकांश स्टाप डेम क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। अल्प समय में ही इन स्टाप डेम का क्षतिग्रस्त हो जाना जपं में पदस्थ इंजीनियरों के कार्यों में गुणवत्ता की पोल खोल रहे हैं। वहीं दुबारा इन्ही बांधो का जीर्णोधार के नाम पर भरी भरकम राशि स्वीकृत कर रुपयों का बंदरबाट किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत भरतपुर के सिंघोर नदी में स्टाप डेम का निर्माण करवाया गया था। ये स्टाप डेम का निर्माण वर्ष 2012 से 2016 के बीच किया गया है। जिसमें जलसंसाधन द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर स्टापडेम का निर्माण कराया गया था । विडम्बना यह भी है कि इस स्टाप डेम से करोड़ो रुपए खर्च होने के बाद एक बूंद पानी किसानों को नहीं मिला। निर्माण के बाद मरम्मत के नाम पर भी जल संसाधन द्वारा कई बार राशि खर्च की गई है। लेकिन ये सब कागजों में खर्च की गई है।
*बनने के बाद भी खराब हुए डेम*
जनपद पंचायत ने ग्रामीण क्षेत्रों में जितने भी स्टॉप डैम बनाए, उनमें से अधिकांश का निर्माण इतना घटिया था कि वे बनने के कुछ माह बाद ही क्षतिग्रस्त हो गए। जिस पानी को रोकने के लिए डेम बनाए गए थे, अधिकांश डेम उसी पानी में बह गए। इनका निर्माण ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की किल्लत को मिटाने और लगातार गिर रहे भू-जल स्तर को बढ़ाने के लिए किया गया था। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। जहां स्टाप डेम का निर्माण हुआ था, उन्हीं क्षेत्रों में पानी की किल्लत भी गहरा गई है।
*बहुत से स्टाप डेम छतिग्रस्त हैं*
बहुत से डेम ऐसे हैं, जो निर्माण के बाद पहली बारिश का भी सामना नहीं कर पाए। बारिश के दौरान जैसे ही डेम में पानी भरा, वैसे ही पानी के दबाव के चलते डेम की दीवारें क्षतिग्रस्त हो गई। इस तरह से स्टाप डेम का फूट जाना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को बयां करता है।
*नहीं है बूंद भर पानी*
क्षेत्र में बने स्टाप डेम में मौजूदा समय में बूंद भर भी पानी नहीं बचा है। जबकि इनका निर्माण पानी को संचय करने के लिए किया जाता है। इधर, स्टाप डेम में पानी नहीं होने से अब किसानों, वन्य जीवों और पालतु मवेशियां को भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
*क्षतिग्रस्त है स्टाप डेम*
सूखी नदी या नालों पर स्टाप डेम का निर्माण किया जाता है। मौजूदा समय में स्टाप डेम में फूटे पड़े हुए है। पानी कहीं स्टोर नहीं है।


















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