एनएसयूआई पामगढ़ विधानसभा अध्यक्ष आकाश यादव ने छत्तीसगढ़ का बजट कोरोना महामारी के बाद सन् 21-22 के तीसरा बजट पेश किया जबकि इस दौरान छत्तीसगढ़ सरकार को आर्थिक मानसिक रूप से विचलीत कर दिया था उसके बावजूद छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार श्री भूपेश बघेल जी का मंत्रीमण्डल धैर्य और साहस का परिचय देते हुए मुकाबला किया और छत्तीसगढ़ के आर्थिक व्यवस्था को बिगड़ने नहीं दिया। छत्तीसगढ़ के लोग बाहर लाखों श्रमिक रोजी मजदूरी करने हर वर्ष दूसरे प्रदेश जाते है अचानक उसका छत्तीसगढ में लाखों श्रमिक का वापस आने उनके गांव के घरों तक पंहुचाने खाने की व्यवस्था करना लाकडाउन के समय में छत्तीसगढ़ सरकार ने लाखों श्रमिकों के दो वक्त के भोजन की व्यवस्था किया। आकाश ने कहा कि दूसरे प्रदेश में कोंचिग क्लासेस के लिए गये बच्चों को वापस उनके घरों तक पंहुचाने की निःशुल्क व्यवस्था करना ऐसी तमाम ऐतिहासिक कदम था इसको भारतीय जनता पार्टी के लोग चुनौती भी नहीं दे सकते किसानों का समर्थन मूल्य में प्रति एकड़ 15 क्विंटल धान खरीदी 2500 रूपये प्रति क्विंटल खरीदकर किसानों के खरीदे हुए धान का सरकार द्वारा पैमेन्ट करना राजीव गांधी किसान न्याय योजना की राशि 100 दिन मनरेगा का काम चालू रखना पत्रकारों को दुर्घटना जघन्य अकासमिक मृत्यु पर परिवार को 5,00000 की सहायता राशि एवं बस्तर संभाग के सभी जिलों में बस्तर टाईगर नाम से विशेष पुलिस बल का गठन प्रदेश के सभी विभागों के विकास के लिए बजट में प्रावधान रखना किसानों और गांव के विकास के साथ प्रदेश में उद्योंग का भी विशेष ध्यान रखा गया है यह प्रदेश का अनोखा एवं एतिहासिक बजट है।
दुर्गेश यादव की रिपोर्ट


















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