मजबूरी का फ़ायदा उठाकर गुण्डरदेही के बघमरा में 14 एकड़ आदिवासी जमीन को कब्ज़ा करने का मामला,
पीड़ित सुरेश कुमार ध्रुव पिता फूल सिंह ध्रुव जाति गोड़ निवासी गाड़ाडीह (हीरा) पो० परखन्दा तहसील कुरूद जिला धमतरी छ०ग० का निवासी ने जानकारी देते हुए बताया की उसके नाम पर स्वामित्व और की पैतृक कृषि भूमि ग्राम गुण्डरदेही प०ह०नं० 34, रा०नि०सं० व तहसील गुण्डरदेही जिला बालोद छ०ग० में ख0नं0 48, 348, 349, 350, 395, 429, 474, 559, 757 रकबा क्रमशः 2..760 हे0, 1.390 हे0, 0.110 हे0, 0.830 हे0, 0.060 हे0, 0.110 हे०, 0.050 हे0, 0.050 हे0; 0.340 हे० कुल ख0नं0 09 कुल रकबा 5.70 हे0 स्थित है।
वर्ष 2006 में गांधी नगर, मस्जिद रोड, गणेश मंदिर के पास, खुर्सीपार, भिलाई निवासी मोहम्मद अमजद अली पिता कादर अली खान ने मुझसे संपर्क किंया तथा मेरे स्वामित्व के उपरोक्त कृषि भूमि को विकय अनुमति लेकर कय करने का प्रस्ताव रखा, चूंकि उस समय मुझे भी रकम की आवश्यकता थी इसलिये मैनें अमजद अली के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुये अपने स्वामित्व के उपरोक्त कृषि भूमि को विकय अनुमति प्राप्त करने के पश्चात विक्रय करने को तैयार हुआ तथा उक्त खरीदी-बिकी के संबंध में हम दोनों के मध्य एक विक्रय इकरारनामा निष्पादित किया गया तथा विक्रय इकरारनामा बनवाने हेतु मेरे द्वारा अमजद अली को उपरोक्त भूमि की असल ऋण पुस्तिका भी प्रदान किया गया, जिसे अमजद अली ने मुझे वापस नहीं किया। उसके पश्चात मेरे द्वारा मेरे स्वामित्व की उपरोक्त कृषि भूमि को गैर-आदिवासी को विक्रय करने की अनुमति प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया किन्तु मुझे उपरोक्त मेरी . उपरोक्त पैतृक कृषि भूमियों को गैर-आदिवासी को विकय करने हेतु अनुमति प्राप्त नहीं हुई। जिसके कारण मेरे द्वारा अमजद अली के पक्ष में घिकय पंजीयन नहीं किया जा सका, जिस कारण मैंने अमजद अली से संपर्क कर विक्रय इकरारनामां निरस्त कर बयाना स्वरूप प्राप्त किये गये रकम को वापस प्रदान कर उपरोक्त भूमि की असल ऋण पुस्तिका वापस लेने का प्रयास किया, परन्तु अमजद अली ने मुझसे न तो बयाना स्वरूप दिये गये रकम को लिया और न ही मेरे स्वामित्व की उपरोक्त भूमि के असल ऋण पुस्तिका को वापस प्रदान किया बल्कि उल्टा अमजद अली मेरे साथ गाली-गलौच करते
हुये लड़ाई-झगड़ा करना प्रारंभ कर दिया और कहने लगा कि उपरोक्त भूमि अब मेरी है भले ही उरोक्त भूमि का विकय पंजीयन करने की अनुमति प्राप्त नहीं हुई हो परन्तु उक्त भूमि पर अब मैं ही काबिज हो कास्त करूंगा कहकर अश्लील गंदी-गंदी जाति सूचक गाली देते हुये मुझे धक्के मारकर भगा दिया तथा जबरदस्ती बलपूर्वक मेरे स्वामित्व की उपरोक्त कृषि भूमि में कब्जा कर लिया, जबकि मैं अमजद अली से लिये गये बयाना स्वरूप राशि को वापस करने के लिए तत्पर था। उसके पश्चात मैं जब भी अपने स्वामित्व की उपरोक्त भूमि में जाकर किसानी कार्य करना चाहता था तब अमजद अली हर बार मुझे अश्लील गंदी-गंदी जाति सूचक साले गोड़-गवार,मुरिया कहकर गाली-गलौच करते हुये मारपीट कर मेरी उपरोक्त भूमि पर कृषि कार्य करने नहीं देता था तथा स्वंय मेरी उपरोक्त भूमि पर. कृषि कार्य कर स्वंय आय प्राप्त करता था।
पीड़ित ने बताया की उपरोक्त संबंध में उनके द्वारा पूर्व में भी माननीय महोदय एवं उच्च अधिकारियों के समक्ष शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया गया था परन्तु आज पर्यन्त तक मेरे द्वारा दिये गये आवेदन पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई तथा तब से आज पर्यन्त तक. अमजद अली अवैधानिक रूप से मुझ गरीब आदिवासी की जमीन पर जबरदस्ती क़ब्जा कर कृषि कार्य कर आय प्राप्त कर रहा है तथा अमजद अली के द्वारा किये गये उपरोक्त अवैधानिक कृत्य से मुझे शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक कष्टो का सामना करना पड़ रहा है तथा मुझे उपरोक्त भूमि से प्राप्त होने वाली आय से वंचित होना पड़ रहा है।
आज सोमवार को पीड़ित सुरेश कुमार ध्रुव ने अपने परिवार और समाज के सदस्यों के साथ उक्त भूमि को क़ाबिज कर फसल लगाई, और गुण्डरदेही थाने में पूरे मामले को आवेदन भी दिया है,



















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