सी एन आई न्यूज रिपोर्टर रमेश श्रीवास्तव पिथौरा 9977708864
13 वर्षीय बालिका ने अधिकारियों के सामने पीया कीटनाशक, बुलडोजर कार्रवाई अधूरी छोड़ भागे अफसर
पिथौरा –तहसील के ग्राम पंचायत लहरौद में प्रशासन की एकतरफा और दमनकारी बुलडोजर कार्रवाई के दौरान दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। करीब 45 वर्षों से शासकीय भूमि पर कब्जा कर निवासरत पांच परिवारों के पक्के मकानों को ढहाने पहुंचे तहसीलदार मोहित कुमार के नेतृत्व मे प्रशासनिक अमले के सामने
13 वर्षीय बालिका मालती (पिता योगेश निषाद) ने हाथ जोड़कर दामनात्मक कार्यवाही ना करने गुहार लगाई कहा घर मे कोई नहीं है जब अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया तो आहत बालिका ने मौके पर ही कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया ।
बालिका द्वारा कीटनाशक पीने के तुरंत बाद प्रशासनिक अमला का हाथ पैर फूल गया ओर संवेदनहीन प्रशासनिक अधिकारी बच्ची को उसी हालत में छोड़कर अधूरी कार्रवाई छोड़ भाग खड़े हुए। उन्होंने न तो बालिका की कोई मदद की और न ही मौके पर चिकित्सकीय सहायता का कोई इंतजाम किया। परिजनों ने किसी तरह बालिका को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
रसूख के बल पर अचानक कार्रवाई का आरोप
तहसील प्रशासन के अनुसार, ग्राम लहरौद स्थित खसरा नंबर 896 एवं 897 (रकबा 0.04 एवं 0.06 हेक्टेयर) वाद भूमि पर बेदखली आदेश का पालन न होने पर शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की गई। इधर पीड़ित परिवार विश्राम निषाद ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रसूखदार लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए उन्होंने सोची-समझी साजिश के तहत अचानक यह दमनकारी कार्रवाई की। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वे इस भूमि पर पिछले 45 वर्षों से रह रहे हैं और वर्ष 2023 में पीएम आवास योजना के तहत उनके पक्के मकान भी बनाए गए थे।
पीड़ितों ने बताया कि उनका भूमि विवाद वर्षों से न्यायालय में लंबित है। इसके बावजूद प्रशासन ने उन्हें तहसील कार्यालय में पेशी के नाम पर बुलाकर गुमराह किया। जब सभी परिवार तहसील में मौजूद थे, उसी दौरान भारी पुलिस बल और बुलडोजर लेकर टीम उनके घरों पर पहुंच गई और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे ग्राम पंचायत लहरौद में लगभग 60 प्रतिशत आबादी शासकीय भूमि पर वर्षों से निवासरत है, फिर भी केवल पांच परिवारों को ही निशाना बनाकर अचानक कार्रवाई करने क्यों पहुंचा यह स्पष्ट रूप से रसूख के बल पर चुनिंदा लोगों को फायदा पहुंचाने की मंशा को दर्शाता है।
नहीं दी सूचना
ग्राम पंचायत लहरौद के उपसरपंच रमेश सिन्हा ने सोशल मीडिया पर इस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने कोई पूर्व सूचना, नोटिस या जानकारी नहीं दी। बिना किसी आधिकारिक सूचना के अचानक की गई इस कार्रवाई को उन्होंने पूरी तरह अनुचित और तानाशाहीपूर्ण बताया।
इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भारी तनाव व्याप्त है और ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति गहरा आक्रोश है।
इधर तहसीलदार मोहित कुमार अमिला ने बयान दिया की बेदखली आदेश का पालन नहीं होने पर शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की गई। बालिका द्वारा कीटनाशक पीने की जानकारी नहीं है।



















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